सीमैप लखनऊ में छात्राओं, महिलाओं को प्रशिक्षण:औषधीय पौधों की खेती, प्रसंस्करण और उद्यमिता पर कार्यक्रम

लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) में सोमवार को ज्ञान और नवाचार का संगम देखने को मिला। यहां रानी लक्ष्मी बाई कॉलेज, हिसार (हरियाणा) की छात्राओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।इसी के साथ शैक्षणिक और जनजातीय भ्रमण भी आयोजित किया गया, जो सीएसआईआर अरोमा मिशन के तहत संचालित है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता विकास की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में अरोमा सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। जनजातीय महिलाओं ने भी संस्थान का भ्रमण किया इसी दिन मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले से आईं 51 जनजातीय महिलाओं ने भी संस्थान का भ्रमण किया। उन्हें प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से कई तकनीकों से परिचित कराया गया। इनमें आसवन अपशिष्ट से कटलरी निर्माण, आवश्यक तेल की आसवन प्रक्रिया, वर्मी कम्पोस्टिंग तकनीक, औषधीय एवं सुगंधित फसलों का क्षेत्र भ्रमण और मानव पार्क (MANAV Park) का अवलोकन शामिल था। महिलाओं ने वैज्ञानिकों से संवाद कर स्वरोजगार की संभावनाओं को समझा। विद्यार्थियों ने उन्नत तकनीकों की बारीकियों को सीखा कार्यक्रम में लखनऊ फार्मेसी कॉलेज के 31 छात्र-छात्राओं और तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयम्बटूर के 100 से अधिक कृषि विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। इन विद्यार्थियों ने उन्नत तकनीकों और फसल प्रबंधन की बारीकियों को सीखा।संवाद सत्र के दौरान, डॉ. संजय कुमार ने अरोमा मिशन की गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. आर.के श्रीवास्तव ने फसलोत्तर प्रबंधन और व्यावसायिक संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.एस शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. ऋषिकेश एन. भिसे और डॉ. महेश एम. कदम ने कार्यक्रम का संचालन किया।