संयुक्त सचिव बोले-पीएम श्री स्कूलों में अब सिर्फ खानापूर्ति नहीं:बरेली के स्कूलों का हुआ रियलिटी चेक, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जाये जोर

सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत बदलने के लिए अब ‘कंप्लायंस’ नहीं बल्कि ‘आउटकम’ पर फोकस किया जाएगा। सोमवार को बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने पीएम श्री विद्यालयों की समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिस्टम को कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर परिणामों की ओर बढ़ना होगा। बैठक में डीएम अविनाश सिंह और सीडीओ देवयानी भी मौजूद रहीं। लाइब्रेरी की बदहाली पर नाराजगी, प्रिंसिपलों को ‘लीडर’ बनने को कहा
समीक्षा के दौरान संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने स्कूलों में लाइब्रेरी की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई और इसमें तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रिंसिपलों को केवल प्रशासनिक अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक लीडर की तरह काम करना होगा। बच्चों को नवाचार (इन्नोवेशन) और नई टेक्नोलॉजी से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। बच्चों का विकास देश की अमानत, ट्रेनिंग में न हो कोताही
संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने जोर देकर कहा कि शिक्षक बच्चों को इस भावना से पढ़ाएं कि वे देश के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को किताबों और यूनिफॉर्म की कमी न हो। साथ ही शिक्षकों की ट्रेनिंग और बच्चों की मेंटल काउंसलिंग के लिए नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में सेल्फ डिफेंस, कंप्यूटर लैब, यूथ इको क्लब और स्कूल बैंड जैसे मुद्दों पर भी फीडबैक लिया गया। ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सचिव: क्लासरूम में जाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता
बैठक से पहले संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने खुद फील्ड में उतरकर स्कूलों का हाल जाना। उन्होंने मीरगंज के चुरई दलपतपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय और शहर के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईसीटी लैब और क्लासरूम का जायजा लिया और छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई के स्तर को परखा।