संकट मोचन हनुमान मंदिर में 40 दिवसीय पौंडरिक महायज्ञ आरंभ:महंत धर्मदास के संयोजन में तथा दक्षिण भारत के वैदिक विद्वानों की देखरेख में हो रहा

अयोध्या के बेनीगंज मोहल्ले स्थित श्री संकट मोचन हनुमान कमल मंदिर में 40 दिवसीय पौंडरिक महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। यह महायज्ञ हनुमानगढ़ी के महंत धर्मदास महाराज के संयोजन में तथा दक्षिण भारत के वैदिक विद्वान याजुल गुरु जी के निर्देशन में संपन्न हो रहा है। यह दुर्लभ महायज्ञ 4 अप्रैल तक चलेगा महंत धर्मदास महाराज ने बताया कि यह दुर्लभ महायज्ञ 26 फरवरी से प्रारंभ होकर 4 अप्रैल तक आश्रम परिसर में चलेगा। महायज्ञ में दक्षिण भारत के 40 तथा उत्तर भारत के 50 वैदिक विद्वान प्रतिदिन अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं। चतुर्वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ प्रतिदिन 25 हजार आहुतियां समर्पित की जाएंगी। पूरे मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
आयोजन से जुड़े अंकित मिश्रा ने बताया कि पौडरिक महायज्ञ अत्यंत दुर्लभ अनुष्ठान है। मान्यता है कि प्रभु श्रीरामचंद्र ने भी अपने समय में इस यज्ञ का आयोजन किया था। प्राचीन काल में इसे ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य समाज द्वारा संपन्न कराया जाता था, किंतु मुगलकालीन आक्रमणों के बाद यह परंपरा लगभग समाप्त हो गई। महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना करीब 300 वर्षों के अंतराल के बाद रामनगरी में पुनः इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि महायज्ञ की सुरक्षा एवं सिद्धि के लिए भगवती दुर्गा की विशेष स्थापना की गई है। दुर्गा सप्तशती पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां काली की प्रतिष्ठा कर पूजन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि यज्ञ का उद्देश्य जगत कल्याण और समस्त जीवों का मंगल है।आयोजकों का मानना है कि यज्ञ से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा और वातावरण शुद्धि से प्रकृति संतुलित होगी, वर्षा होगी और अन्न उत्पादन में वृद्धि होगी। उसी अन्न से पोषित मेधा और सद्बुद्धि के माध्यम से रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव से महायज्ञ में सहभागिता कर रहे हैं।