चित्रकूट जिले में परीक्षा ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मियों पर हमला का मामला सामने आया है। रैपुरा थाना क्षेत्र के भौंरी चौराहे पर स्थित कृषक इंटर कॉलेज के सामने शुक्रवार को परीक्षा ड्यूटी पर तैनात दरोगा सुभाषराम के साथ एक युवक ने सरेआम हाथापाई की। इस दौरान युवक ने दरोगा का कॉलर पकड़ा और पांच बार झटक दिया। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग डर के मारे इधर-उधर भागते नजर आए। आरोपी ने दरोगा की कॉलर पकड़कर की मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी दद्दू प्रसाद यादव उर्फ सुनील यादव ने अचानक दरोगा सुभाषराम के पास जाकर उनकी कॉलर पकड़ ली और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दरोगा ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी काफी आक्रामक था। कई लोगों ने स्थिति को लेकर हल्ला किया, लेकिन आरोपी का गुस्सा कम नहीं हुआ। पुलिस अधिकारी ने किया बीच-बचाव, लेकिन हुआ उल्टा मौके पर पहुंचकर रैपुरा इंस्पेक्टर आशुतोष तिवारी ने मामले को काबू में करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोपी को शांत करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान भी आरोपी ने पुलिस अधिकारी के साथ अभद्रता की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह पूरी घटना लगभग 5 मिनट तक चली, जिससे आसपास के दुकानदार और राहगीर स्तब्ध रह गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी दरोगा के साथ उलझता हुआ नजर आ रहा है और लोगों के चिल्लाने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद लोगों में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। आरोपी दद्दू प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। रैपुरा थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं घटना के बाद पुलिस बल को पूरे क्षेत्र में तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। रैपुरा थाना प्रभारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं और पुलिस को काम करने दें। जिला प्रशासन ने भी मामले की समीक्षा की और स्पष्ट किया कि परीक्षा ड्यूटी पर तैनात किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के साथ किसी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामले न दोहराए जाएं।