ईरान पर अमेरिका-इजराइल के कथित हमले और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद जालौन में तनावपूर्ण माहौल बन गया। उरई कोतवाली क्षेत्र में शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर कैंडिल मार्च निकाला और अपना विरोध व शोक प्रकट किया। यह मार्च रविवार देर शाम निकाला गया। इसमें शामिल लोग हाथों में मोमबत्तियां लिए मातम मनाते हुए दिखे। कई स्थानों पर लोगों की आंखों में आंसू थे और वातावरण गमगीन हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई जिंदाबाद” और “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उरई शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव शर्मा और कोतवाली प्रभारी लगातार भ्रमण कर हालात का जायजा लेते रहे। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट के जरिए माहौल खराब न हो। कैंडल मार्च के दौरान शिया मौलाना अकबर साहब ने कहा कि यह समय सब्र और एकजुटता का है। उन्होंने समुदाय के लोगों से संयम बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। जनपद में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के संभावित असर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।