जौनपुर के जफराबाद स्थित शिया जामा मस्जिद से रविवार शाम 8 बजे ईरान के सर्वोच्च नेता और शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई के निधन पर एक कैंडल मार्च निकाला गया। इसके बाद मजलिस का आयोजन किया गया। आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई की मृत्यु कथित तौर पर अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले में हुई थी। उनके मौत के बाद शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। यह कैंडल मार्च जफराबाद के इमाम जुमा शाजान जैदी की अध्यक्षता में निकाला गया, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों ने भाग लिया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली राष्ट्रपति नेतन्याहू की निंदा की। कैंडल मार्च से पहले शिया मस्जिद में मगरिब की अजान हुई, जिसके बाद नमाज अदा की गई और रोजे खोले गए। इसके उपरांत शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें लोग मोमबत्तियां और आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई की तस्वीरें लिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे। कैंडल मार्च समाप्त होने के बाद मजलिस का आयोजन हुआ, जिसे इमाम-ए-जुमा जफराबाद शाजान जैदी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आयतुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 86 वर्ष की आयु में भी अपने देश की रक्षा करते हुए और अपने पद के कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राण त्यागे। वक्ताओं ने उनके जज्बे और सादगी की सराहना की। इस अवसर पर हैदर रजा, शकील अहमद, मौलाना शाजान जैदी, फैजान आब्दी, औसाफ हुसैन आब्दी, हसन मेहंदी गुड्डू, बबलू, शाहनेयाज अहमद, दाऊद, मुर्शिद रजा, इमरान हैदर, कामरान हैदर, मकबूल हैदर, अरशद रजा, इजहार हुसैन, नफीस हैदर, वसीम अहमद और अरशद रजा सहित कई लोग उपस्थित रहे।