ऐसा नहीं लग रहा है कि हम घर लौट पाएंगे। बहुत सारे बम हमारे चारों तरफ गिर रहे हैं। जिस जगह पर हूं, वहां से 1 किलोमीटर की दूर अमेरिकी पोर्ट है। वहां लगातार बमबारी हो रही है। डर लग रहा है कि कभी भी कोई बम हमारे आसपास भी गिर सकता है। अपनी बिल्डिंग में ही छिपा बैठा हूं। साथ में 150 लोग हैं। 11 मार्च को भांजे की शादी है। मैं घर आना चाहता हूं। ये बातें ईरान-इजराइल जंग के बीच दुबई में फंसे गोंडा के दिनेश वर्मा (27) ने बताईं। दिनेश छपिया थाना के सैजलपुर गांव के रहने वाले हैं। दुबई में कुक हैं और अपनी क्लीनिंग की कंपनी चलाते हैं। दिनेश होली और भांजी की शादी के लिए घर आने वाले थे। दुबई से मुंबई के लिए 1 मार्च को फ्लाइट की टिकट बुक थी, लेकिन सुबह-सुबह जंग शुरू हो गई। दुबई पर भी हमले होने लगे। फ्लाइट्स कैंसिल हो गई। एयरपोर्ट बंद हो गया। दिनेश को दुबई में ही रुकना पड़ा। देखते ही देखते हालत और बिगड़ गए। आसपास के लोगों के साथ जान बचाकर दिनेश अपनी बिल्डिंग में कैद हो गए। डर की वजह से बाहर नहीं निकल रहे हैं। दैनिक भास्कर ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए दुबई में फंसे दिनेश कुमार वर्मा से बातचीत की। पढ़िए… दुबई में कैसे हालात हैं, दिनेश ने बताया… सवाल: आप इस समय कहां हैं?
दिनेश: इस समय मैं दुबई में हूं। मेरी 1 मार्च की रात 1:55 बजे फ्लाइट थी, लेकिन शाम 6:00 बजे हमें पता चला कि हमारी फ्लाइट कैंसिल हो गई है। हालात दोपहर 1-2 बजे से ही खराब थे। लगने लगा कि हम यहीं फंसे रह जाएंगे। बहुत सारे बम देखने को मिले। सवाल: हालात कैसे हैं?
दिनेश: हमारे बंकर से 1 किलोमीटर की दूरी पर अमेरिका का पोर्ट है। रात में मिसाइलें गिर रही थीं। हमारे रिश्तेदार भी आसपास रहते हैं। उन्होंने भी ऐसे ही हालात बयां किए। कई वीडियो भी आए हैं। डर लगा रहा है, बाकी भगवान जाने। सवाल: क्या आपके आसपास भी मिसाइलें गिर रही हैं?
दिनेश: मेरे आस-पास ऐसा कुछ नहीं हुआ है, लेकिन मिसाइलें तो गिर रही हैं और दिखाई भी दे रही हैं। बादलों में कुछ आग के गोले जैसे दिखाई दे रहे हैं। हमने वीडियो भी बनाए हैं। हमारे यहां अब तक कुछ नहीं हुआ, लेकिन कभी भी कुछ भी हो सकता है। सवाल: किसी बंकर में हैं या सुरक्षित स्थान पर?
दिनेश: मैं इस समय बंकर में नहीं हूं। जिस बिल्डिंग में रहता हूं, उसी में एक कमरे के अंदर हूं। सवाल: क्या आपको बाहर जाने से रोका गया है?
दिनेश: भारतीय दूतावास ने संदेश भेजा है कि लोग जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलें। इसलिए हम ज्यादा बाहर नहीं निकल रहे। सवाल: आपने 1 मार्च की टिकट क्यों की थी?
दिनेश: होली मनाने और भांजे की शादी में शामिल होने के लिए। 11 मार्च को आमारी बाजार, लुनियापार, बस्ती में भांजे की शादी है। सोच रहा हूं कि कैसे आऊं। लगता है कि नहीं आ पाऊंगा।” सवाल: भारत सरकार से क्या कहना चाहते हैं?
दिनेश: भारत सरकार से यही चाहता हूं कि मुझे घर बुला लें। युद्ध के कारण हालात खराब हैं। खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा हूं। भविष्य में कुछ भी हो सकता है। सवाल: परिवार के लोगों से बातचीत हुई?
दिनेश: हां, हुई। हमारे रूम में डेढ़ सौ भारतीय हैं। सभी गोंडा, बस्ती और बलरामपुर के रहने वाले हैं। सवाल: आप वहां क्या काम करते हैं?
दिनेश: कुकिंग का काम करता हूं और छोटी क्लीनिंग कंपनी चलाता हूं। सर्वेंट प्रोवाइड करते हैं। सवाल: खाने-पीने की क्या व्यवस्था है। एक हॉल में 150 लोग कैसे रह रहे?
दिनेश: खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है। हमारे पास पर्याप्त खाने की चीजे हैं। दुकानें खुली हैं। 20 दिन का सामान स्टोर कर रखा है। हॉल काफी बड़ा है। गद्दे बिछा रखे हैं। दिनेश के बारे में जानिए- दिनेश गोंडा के छपिया थाना के सैजलपुर गांव के रहने वाले हैं। एक साल पहले शादी हुई थी। पत्नी रीता वर्मा गोंडा में परिवार के साथ रहती हैं। घर पर पिता रामकेसर वर्मा, माता प्रेमा देवी और छोटे भाई राम शुभवन वर्मा भी हैं। दिनेश के बड़े भाई कैलाश वर्मा भी सऊदी में रहते हैं। वहीं पर अपना काम करते हैं। इजराइल-ईरान जंग के बारे में जानिए- —————————————————- ये खबर भी पढ़ेंः- यूपी में हाई अलर्ट, खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन:लखनऊ में लोगों ने निकाला कैंडल मार्च, इजराइल का झंडा रौंदा; खाड़ी देशों की फ्लाइट कैंसिल अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यूपी में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच पुलिस ने पूरे यूपी में हाई अलर्ट जारी किया है। सीएम योगी ने भी रविवार सुबह मीटिंग में अफसरों से एहतियात बरतने को कहा। पढ़ें पूरी खबर…