सीतापुर में धार्मिक नगरी नैमिषारण्य में मंगलवार को चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद जैसे ही मंदिरों के कपाट खुले तो श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हज़ारों की संख्या में भक्तों ने प्रसिद्ध ललिता देवी मंदिर में पहुंचकर माँ ललिता के दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। गौरतलब है कि चंद्र ग्रहण के कारण सुबह 6:20 बजे आरती-पूजन के उपरांत मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। सूतक काल प्रभावी होने से पूरे दिन मंदिर में नियमित दर्शन व्यवस्था स्थगित रही। इस दौरान दूर-दराज से आए श्रद्धालु गोमती नदी के राजघाट एवं देवदेवेश्वर घाट पर जप, तप और साधना करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने नदी तट पर बैठकर मंत्रोच्चार और ध्यान किया। शाम 7 बजे ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों से आए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नैमिषारण्य के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी इसी प्रकार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे, जिससे दर्शन सुचारु रूप से संपन्न हो सके। चंद्र ग्रहण के उपरांत मंदिरों के खुलने के साथ ही नैमिषारण्य में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जिसने इस पावन तीर्थ की धार्मिक महत्ता को एक बार फिर जीवंत कर दिया।