होली का त्यौहार, रंगों का त्योहार, प्रेम और उल्लास का त्योहार। लेकिन रामलाल वृद्धाश्राम में रह रहे बुजुर्गों के लिए यह त्यौहार और भी खास हो गया। मंगलवार को वृद्धाश्राम में होली का त्यौहार मनाया गया, जहां बुजुर्गों ने एक दूसरे के साथ गुलाल लगाया और एक दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई दी। वृद्धाश्राम में रह रहे बुजुर्ग कपल ने गुलाल उड़ाया और एक दूसरे के जीवन में रंग भरा। इस दौरान राधा कृष्ण की झांकी भी निकाली गई, जहां ब्रज होली की छवी दिखाई दी। ऐसा लग रहा था, कि यहां रह रहे बुजुर्ग घर यहीं हो। इससे उनके चहरे पर साफ खुशी दिख रही थी। कार्यक्रम में मुख्य अथिति महिला आयोग बबिता चौहान पहुंची, जहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ होली खेली। इस दौरान उनकी पीड़ा भी सुनी। उन्होंने कहा-जो लोग अपना परिवार छोड़ यहां में उनकी पीड़ा समझ सकती हूं। यहां जिस तरीके से त्यौहार मनाया जा रहा है, लग सब एक ही परिवार है। और दिख भी रहा है सब यहां कितने खुश है। ये भी एक परिवार है। खाने पीने सभी व्यवस्था की गई है। साउंड सिस्टम लगायया गया है राधा रानी झोकियों निकाली गई है। सभी का त्यौहार अच्छे से बने। वृद्धाश्राम के संचालक ने बताया कि यहां रह रहे बुजुर्गों के लिए होली का त्यौहार बहुत खास होता है। हम उनकी खुशी के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इस बार भी हमने उनके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया है। बुजुर्गों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यहां रहना उनके लिए एक नए परिवार जैसा है। यहां के लोग उन्हें बहुत प्यार देते हैं और उनकी देखभाल करते हैं। उन्होंने कहा कि होली का त्यौहार उनके लिए बहुत खास है और वे इसे हमेशा याद रखेंगे।