लखनऊ मोहम्मदी मिशन ने 60 परिवारों को बांटा रमजान किट:मुफ्ती इरफान बोले- मानव सेवा इबादत का हिस्सा, रमजान महीने नेकी का सवाब 70 गुना

लखनऊ में आल इंडिया मोहम्मदी मिशन की माहाना बैठक और वजीफा वितरण का कार्य हुआ। संगठन की ओर से हर महीने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और विधवा महिलाओं को सहायता राशि दी जाती है। बैठक में नए जरूरतमंद परिवारों को चिह्नित भी किया जाता है। संगठन के संरक्षक मुफ्ती इरफान मियां ने कहा- सर्वे के आधार पर गरीब-जरूरतमंदों की सूची तैयार की गई है। इस माह 60 परिवारों को वजीफा के रूप में आर्थिक सहायता राशन किट और कपड़े बांटे गए हैं। हर महीने जरूरतमंदों की मदद होती है वजीफा वितरण के दौरान अध्यक्ष सैयद इकबाल हाशमी, शहला हक, फैजान फिरंगी महली समेत पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। मुफ्ती इरफान ने कहा- अगर जरूरतमंद आप तक नहीं पहुंच सकता तो आप उस तक पहुंचिए। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करना सामाजिक और धार्मिक जिम्मेदारी है। हर महीने चिह्नित जरूरतमंद परिवारों तक सहायता राशि और राशन किट पहुंचाई जाती है। रमजान में इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। इस महीने में कोई भी नेक काम करने पर 70 गुना सवाब (पुण्य) मिलता है। छात्रों को शिक्षा दिलाने में मदद करें शहला हक ने कहा- इस्लाम धर्म ने शिक्षा दी है कि मालदार लोग समाज के गरीब लोगों की सहायता करें। छात्रों की शिक्षा में मदद करना और मरीज को इलाज प्रदान कराना सबसे नेक काम है। अपने नजदीकी अस्पतालों तक जाएं। वहां बाहर से आने वाले मरीज तीमारदारों का दुख-दर्द बांटे। सैयद इकबाल हाशमी ने कहा- मदद करने वालों को ही मदद मिलती है। हमें इस बात की जानकारी होना चाहिए कि हमारे आसपास कौन परेशान, बेसहारा है। सेवा का काम करने वालों की हमेशा सराहना होनी चाहिए। गरीब और बेसहारा जरूरतमंदों तक खाने-पीने का सामान पहुंचाना और आर्थिक मदद करना नेक काम है।