लखनऊ में इस बार उत्तराखंड की पारंपरिक कुमाऊँनी होली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। उत्तराखंड महापरिषद के पदाधिकारियों और समाज के गणमान्य लोगों ने मिलकर होली गायन का आयोजन किया, जिससे पूरे माहौल में संस्कृति और भक्ति की खुशबू फैल गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महापरिषद के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत के मुरली नगर स्थित आवास से हुआ। होलियारों ने सबसे पहले भगवान गणेश की वंदना करते हुए पारंपरिक होली गीत “सिद्धि के दाता विघ्न विनाशक” गाकर मंगलाचरण किया। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं और भाईचारे का संदेश दिया। इसके पश्चात टोली वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगल सिंह रावत के विकास नगर स्थित आवास पहुँची, जहाँ बैठकी होली का आयोजन हुआ। सुर और ताल के बीच पारंपरिक कुमाऊँनी होली गीतों की मधुर प्रस्तुति ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उत्सवमय हो उठा। पारंपरिक ढंग से होली मनाई होलियारों की टोली फिर महासचिव भरत सिंह बिष्ट के शिवानी विहार, कल्याणपुर स्थित आवास पहुँची। यहाँ भी पारंपरिक ढंग से होली गाई गई और सभी ने अबीर-गुलाल लगाकर आशीर्वाद दिया। इस मौके पर भरत सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि संगीत, भक्ति और आपसी प्रेम का अद्भुत संगम है। लखनऊ में बसे उत्तराखंडवासी हर वर्ष अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पारंपरिक होली गीतों की स्वर लहरियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रंग, उमंग और संस्कृति का यह सुंदर संगम राजधानी में बसे उत्तराखंडवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना।कार्यक्रम में हरीश चंद्र पंत, भरत सिंह बिष्ट, मंगल सिंह रावत, सुरेंद्र राजेश्वरी, पूरन जोशी, लाल सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह गै़लाकोटी सहित अनेक होलियारों की सक्रिय भागीदारी रही।