इजराइल-ईरान युद्ध का कानपुर से चमड़ा एक्सपोर्ट पर असर:2000 करोड़ के कारोबार प्रभावित होने की आशंका, ओमान और UAE से बड़ा व्यापार रुका

इजराइल और ईरान युद्ध का असर कानपुर लेदर इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खाड़ी देशों से जुड़े चमड़ा कारोबार पर प्रभाव पड़ेगा। इनमें ओमान और यूएई में बड़ी मात्रा में लेदर इंडस्ट्री से चमड़ा एक्सपोर्ट होता है। अनुमान है कि इस युद्ध की वजह से करीब 2000 करोड़ रुपए का चमड़ा कारोबार प्रभावित होगा। काउंसिल के रीजनल चेयरमैन असद कमाल ईराकी ने कहा- जिस तरह से ईरान पर हमला हुआ है, उसका सीधा असर हमारी इंडस्ट्री पर पड़ता दिख रहा है। क्योंकि अलग-अलग कई देशों में हमले शुरू हो गए हैं। वहां का एयर ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद हो गया है। इसका साफ तौर पर असर चमड़ा उद्योग पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अपने यहां से सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट ओमान और यूएई में होता है। सऊदी अरब से होने वाले कारोबार पर भी असर दिखेगा। काफी माल के ऑर्डर मिले थे। उनके डंप होने से भी नुकसान हो सकता है। हालांकि ईरान से भी हमारा कारोबार है, लेकिन बीते कई महीनों से वहां रकम फंसी होने के कारण कारोबार अब वहां से कम ही हो रहा है। इन सबके बीच अनुमान है कि 2000 करोड़ रुपए का चमड़ा कारोबार इस युद्ध की वजह से प्रभावित हो सकता है। 10 महीने से एक्सपोर्ट लेदर इंडस्ट्री बदहाल
ईराकी ने बताया कि अप्रैल 2025 से ही लेदर इंडस्ट्री पर अमेरिका के टैरिफ के बाद संकट बढ़ गया था। टैरिफ के 25 प्रतिशत, कभी 50 प्रतिशत होने की आशंका ने इंडस्ट्री की तैयारियों को प्रभावित किया। इसका सीधा असर साल 2025 के क्रिसमस सीजन पर दिखा। उन्होंने बताया- जो लेदर यहां से एक्सपोर्ट होता था, उसमें भारी कमी देखी गई। जिसकी वजह से नुकसान हुआ। इधर जब टैरिफ की स्थिति साफ हुई तो हमने सीजनल माल तैयार कराना शुरू किया। तभी यूक्रेन युद्ध के बाद टैरिफ का असर और अब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच का तनाव चमड़ा कारोबार पर सीधा प्रभाव डाल रहा है। इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ेगी
ईराकी ने कहा कि इससे हमारे माल की इंश्योरेंस कॉस्ट पर भी असर पड़ेगा। पूरी संभावना है कि इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ जाएगी।