घाटमपुर थाना क्षेत्र के बरनाव गांव में गुरुवार देर रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद हो गया। मुस्लिम पक्ष ने नमाज के दौरान ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि होली के त्योहार पर रंग खेलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद पथराव हुआ और मामला बढ़ गया। सूचना मिलते ही घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पतारा चौकी में तैनात सिपाही मोनू को कार सवार युवकों ने कुचलने का प्रयास किया। आरोप है कि युवकों ने बाइक में टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, जिसमें सिपाही मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरनाव गांव निवासी राजू सिंह चंदेल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि पड़ोस में रहने वाले शेर खान अपने घर के एक कमरे में लोगों को इकट्ठा कर नमाज पढ़वाते हैं। कई बार विरोध करने के बावजूद उन्होंने यह बंद नहीं किया। राजू के मुताबिक होली के मौके पर उनके घर रिश्तेदार आए हुए थे और सभी लोग मिलकर रंग खेल रहे थे। इसी दौरान शेर खान ने उन पर पत्थर फेंक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। गांव के लोग भी इफ्तार में शामिल होने आते थे वहीं, शेर खान ने अपनी तहरीर में बताया कि वे लोग आमतौर पर पतारा स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने जाते हैं, लेकिन रमजान के दौरान कुछ बच्चों ने रोजा रखा है और रोज पतारा जाना दूर पड़ता है। इसलिए उन्होंने अपने घर के बाहर बने बरामदे में अजान और रोजा इफ्तार की व्यवस्था कर दी थी। इस दौरान गांव के लोग भी इफ्तार में शामिल होने आते थे। इसी बीच किसी ने ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिसके बाद पड़ोसी राजू सिंह चंदेल से विवाद हो गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। एसीपी और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर की जांच शुक्रवार शाम घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव और एसडीएम अविचल प्रताप सिंह बरनाव गांव पहुंचे। उन्होंने उस घर का निरीक्षण किया, जहां मदरसा संचालन का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे पक्ष की महिलाओं से भी घटना की जानकारी ली। एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बिना अनुमति मस्जिद या मदरसा निर्माण नहीं करने की हिदायत दी और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।