गाजियाबाद के गर्व गर्ग की UPSC में 192 वीं रैंक:बोले-रात में 7-8 घंटे पढ़ाई करते थे, तीसरे अटैम्प्ट में सफलता मिली

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। गाजियाबाद के रहने वाले गर्व गर्ग ने 192वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। गर्व ने बताया कि वह ज्यादातर रात में पढ़ाई करते थे। रात में 7 से 8 घंटे तक पढ़ते थे और सुबह करीब 10 या 11 बजे सोकर उठते थे। उनका कहना है कि रात में पढ़ाई के दौरान किसी तरह की डिस्टर्बेंस नहीं होती, इसलिए पढ़ाई पर पूरा फोकस रहता था। पिता चलाते हैं किराना स्टोर
गाजियाबाद की पुरानी सब्जी मंडी के रहने वाले गर्व गर्ग के पिता राजेश गर्ग किराना स्टोर चलाते हैं, जबकि उनकी मां निशा गर्ग गृहिणी हैं। परिवार में उनकी एक बहन तनीषा गर्ग हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। गर्व की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के लोगों का बधाई देने के लिए लगातार आना-जाना लगा हुआ है। बहन के सपने से मिली प्रेरणा
गर्व ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। उनकी बड़ी बहन तनीषा का सपना था कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास करें, लेकिन किसी कारणवश वह ऐसा नहीं कर सकीं। बहन की मेहनत और सपने से प्रेरित होकर गर्व ने कड़ी मेहनत की और अपनी सफलता के साथ-साथ बहन का सपना भी पूरा कर दिया। दिल्ली के हिंदू कॉलेज से की पढ़ाई
गर्व गर्ग ने शुरुआती पढ़ाई गाजियाबाद से की। उन्होंने 2017 में दसवीं और 2019 में बारहवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद दिल्ली के Hindu College से बीए की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने घर पर रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2021 में दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन लिया। तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी
पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। गर्व ने बताया कि तैयारी के दौरान पारिवारिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां भी आईं, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ होना चाहिए। पढ़ाई के साथ लिखने की आदत भी जरूरी है। साफ और बेहतर लिखने का अभ्यास करें। अगर पहली बार में सफलता न मिले तो निराश होने की जरूरत नहीं है, लगातार मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है।