अविमुक्तेश्वरानंद बोले- किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने:’जिंदा हिंदू लखनऊ चलें’- लिखे पोस्टर बांटे; गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा करेंगे

‘हमारे शंकराचार्यों पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। हमारे धर्म में 4 शंकराचार्य हैं। जब सर्वोच्च शंकराचार्यों ने मेरा अभिषेक कर दिया, तो फिर किसी की क्या औकात है कि वह कहे, हम इन्हें नहीं मानते। उन्होंने कहा कि जो शंकराचार्य बनाता है, उसी को हटाने का भी अधिकार है।’ यह बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को जौनपुर में कही। दरअसल, शंकराचार्य ने आज काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” नाम से लखनऊ के लिए यात्रा शुरू की है। वह 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे। यहां हजारों संतों की मौजूदगी में सभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। काशी में शंकराचार्य ने कहा- बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गोमाता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है। शंकराचार्य की यात्रा में 20 से अधिक गाड़ियां हैं। 500 से अधिक श्रद्धालु साथ हैं। इस दौरान लोगों को पोस्टर बांटे गए। इनमें लिखा है- जिंदा हिंदू लखनऊ चलें। काशी में 11 बटुकों ने किया शंकराचार्य का स्वागत
काशी में शंकराचार्य शनिवार सुबह 8.30 बजे मठ से निकलकर गौशाला पहुंचे। गाय की पूजा की, फिर पालकी पर सवार हुए। मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया। फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया। इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ के लिए रवाना हुए। तस्वीरें देखिए- डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य के लखनऊ में स्वागत वाले बयान पर शंकराचार्य ने कहा- जिसके मन में जो है, यही मौका है, बोल दे। जो गाय के पक्ष में है, वो बोल रहा है। अपनी अभिव्यक्तियों से वे बता रहे हैं कि हम किधर हैं। जो हिम्मती लोग हैं, वो बोलेंगे कि मैं गाय के पक्ष में हूं। जो अंदर से मक्कार है, कालनेमि है, वो कुछ नहीं बोलेंगे। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…