कानपुर मेट्रो में दौड़ी ‘शक्ति मेट्रो’:हर तीसरी ट्रेन की कमान महिलाओं के हाथ; सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और 12 से ज्यादा कैमरे

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कानपुर मेट्रो ने नारी शक्ति को सम्मान देने के लिए ‘शक्ति मेट्रो’ की शुरुआत की है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने लखनऊ से हरी झंडी दिखाकर इस विशेष ट्रेन का शुभारंभ किया। इस मेट्रो ट्रेन के भीतर देश की महान महिला हस्तियों की उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जो पूरे एक सप्ताह तक यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। शनिवार को गुरुदेव चौराहा मेट्रो स्टेशन पर एक विशेष मेट्रो राइड का आयोजन किया गया। इसमें ‘कानपुर प्लॉगर्स’ और ‘गंगा सूत्र’ जैसी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने हिस्सा लिया। ट्रेन के अंदर सजी प्रदर्शनी में कला, खेल, विज्ञान और राजनीति के क्षेत्र में परचम लहराने वाली भारतीय महिलाओं की प्रेरक कहानियों को प्रदर्शित किया गया है। सफर के दौरान महिला यात्रियों ने इन उपलब्धियों को करीब से देखा और सराहा। सुरक्षा का तगड़ा घेरा पैनिक बटन दबाते ही मिलेगी मदद महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किए गए विशेष इंतजामों की जानकारी भी साझा की। किसी भी आपात स्थिति में महिला यात्री ट्रेन के अंदर लगे ‘पैनिक बटन’ या ‘इंटरकाम’ के जरिए सीधे ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकेंगी। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए हर ट्रेन में 12 और प्रत्येक स्टेशन पर करीब 45 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से होती है। स्टेशनों पर महिला सुरक्षाकर्मी और पारदर्शी कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं ताकि महिलाएं निडर होकर सफर कर सकें। हर विभाग में महिलाएं ऑपरेशन्स से लेकर मेंटेनेंस तक सक्रिय एमडी सुशील कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश मेट्रो के तकनीकी और परिचालन विभाग में महिलाओं की भागीदारी मिसाल पेश कर रही है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि कानपुर और लखनऊ में हर तीन में से एक मेट्रो ट्रेन का संचालन महिला ऑपरेटर कर रही हैं। इसके अलावा सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल और मेंटेनेंस जैसे कठिन तकनीकी विभागों में भी हर चार में से एक कर्मचारी महिला है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मेट्रो के सफल संचालन में महिलाओं की भूमिका कितनी अहम है। बड़ा चौराहा पर जमी संगीत की महफिल महिला दिवस के जश्न के तहत बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर ‘शो योर टैलेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिला प्रतिभागियों ने अपनी गायकी से यात्रियों का मन मोह लिया। उत्सव का यह सिलसिला रविवार 8 मार्च को भी जारी रहेगा, जिसमें बड़ा चौराहा स्टेशन पर महिलाओं के लिए ओपन माइक और काव्य पाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।