सहारनपुर में राजस्व विभाग के कार्यों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। सोमवार शाम कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जीएनएसएस रोवर सर्वे उपकरण के उपयोग पर मंडल स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, डीएम मनीष बंसल, अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव और अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान सहारनपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के सभी तहसीलदारों के साथ-साथ प्रत्येक तहसील से एक-एक नायब तहसीलदार ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यक्रम में सर्वे उपकरण आपूर्तिकर्ता कंपनी मैसर्स अल्टेरा सॉल्यूशन एलएलपी के मास्टर ट्रेनर ने अधिकारियों को जीएनएसएस रोवर तकनीक के उपयोग और उसकी कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि यह तकनीक सर्वे ऑफ इंडिया के सीओआरएस स्टेशन नेटवर्क और सैटेलाइट आधारित आरटीके प्रणाली के माध्यम से बेहद सटीक भू-मापन करने में सक्षम है।
अधिकारियों को बताया गया कि इस तकनीक के जरिए भूमि मापन, ग्राम सीमांकन, राजस्व नक्शों के डिजिटलीकरण और सरकारी जमीन के चिन्हांकन जैसे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ किए जा सकेंगे। इससे किसानों को जमीन की पैमाइश से जुड़े विवादों से भी राहत मिलेगी। जीएनएसएस रोवर तकनीक की खास बात यह है कि पारंपरिक जरीब या फीता माप की तुलना में यह लगभग दस गुना तेजी से सर्वे करने में सक्षम है। इसके जरिए जीआईएस आधारित राजस्व मानचित्र तैयार किए जा सकेंगे और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की सटीक पहचान भी संभव होगी।
प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से राजस्व विभाग के कामों में पारदर्शिता आएगी और किसानों को भूमि से जुड़े मामलों में जल्द और सटीक समाधान मिल सकेगा।