लखनऊ में ‘फ्री स्टाइल गवाही’ नाटक का मंचन:काका हाथरसी के व्यंग्य नाटक ने दर्शकों को खूब हंसाया

लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में ‘मदद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी’ रंगमंडल ने हास्य नाट्य ‘फ्री स्टाइल गवाही’ का मंचन किया। यह सोसाइटी की दूसरी नाट्य प्रस्तुति थी। प्रसिद्ध हास्य कवि काका हाथरसी द्वारा लिखित इस व्यंग्यात्मक नाटक की परिकल्पना और निर्देशन निशा बेगम ने किया। बड़ी संख्या में दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की। नाटक की कहानी समाज और न्याय व्यवस्था पर आधारित एक तीखा व्यंग्य है। कथानक के अनुसार, सेठ झंडामल खाउलाल को 50 हजार रुपये उधार देते हैं। पैसा वापस न मिलने पर सेठ अदालत में मुकदमा दायर करते हैं। सुनवाई के दिन उनका असली गवाह धर्मपाल बीमार पड़ जाता है। इसके बाद झूठी गवाही देने के लिए सत्यपाल को बुलाया जाता है, जो कविताएं लिखने का शौकीन है और झूठी गवाही से ही अपना जीवन यापन करता है। हास्य और व्यंग्य के जरिए समाज की सच्चाई दिखाया नाटक में यह दिखाया गया कि झूठी गवाही और चालाकी के बीच क्या सेठ को उनका पैसा मिल पाता है। इस घटनाक्रम के माध्यम से कलाकारों ने हास्य और व्यंग्य के जरिए समाज की सच्चाई को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। नाटक में विभिन्न कलाकारों ने प्रभावी अभिनय किया। तारिक इकबाल ने वकील शर्मा, अर्पित श्रीवास्तव ने वकील भटनागर, सचिन कुमार शाक्य ने सेठ झंडामल, शाजेब खान ने पेशकार, मो. मुस्तकीम सलमानी ने खाउलाल, दीपा यादव ने जज और मोहित यादव ने सत्यपाल की भूमिका निभाई। राकेश कुमार ने सेट के रूप में योगदान दिया।