शंकराचार्य को 26 शर्तों के साथ धर्म सभा की अनुमति:लखनऊ प्रशासन बोला- भड़काऊ भाषण नहीं होना चाहिए, कोविड के नियम भी फॉलो करें

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की सभा की लखनऊ प्रशासन से अनुमति मिल गई है। हालांकि, 26 शर्तें भी रखी गई हैं। प्रशासन के मुताबिक, किसी भी शर्त के टूटने पर अनुमति रद्द हो जाएगी। सभा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली बात नहीं होगी। कोविड के नियमों का भी पालन करना होगा। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। 7 मार्च से काशी से शुरू हुई शंकराचार्य की “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” आज देर रात लखनऊ में प्रवेश करेगी। 11 मार्च को वे लखनऊ में धर्मसभा करेंगे। इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे। अभी शंकराचार्य सीतापुर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने कहा- गो-रक्षा से ही दुनिया की रक्षा संभव है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य गो-माता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा- जनता अब जान चुकी है कि किसी भी दशा में गो-माता की हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता ने यह ठान लिया है, इसलिए अब इसे करना ही होगा। राजनीतिक दल शंकराचार्यों की गरिमा को गिरा रहे हैं। कई लोग खुद को शंकराचार्य बताकर राजनीति कर रहे हैं। शंकराचार्य से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…