महोबा में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से विवाद के बाद भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने जल जीवन मिशन योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने पाया कि जिन गांवों को योजना के तहत ‘पूर्ण संतृप्त’ घोषित किया गया है, वहां कई घरों के बाहर केवल पाइप पड़े हैं और नलों पर टोंटियां तक नहीं लगी हैं। महिलाएं आज भी मीलों दूर से सिर पर मटका रखकर पानी लाने को मजबूर हैं। विधायक ने एक महिला के कलश से पानी पीकर योजना की स्थिति उजागर की। जिसके बाद मुख्यमंत्री से पूरे मामले की SIT जांच कराने की मांग की है। दरअसल, विधायक बृजभूषण राजपूत ने पानी की समस्या को लेकर करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक लिया था। जिसके बाद मंत्री ने 20 दिन का समय मांगा था। पहले देखें, 2 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना महोबा में कागजों पर भले ही शत-प्रतिशत सफल बताई जा रही है। जिसके बाद मंगलवार को दोपहर 3 बजे विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान वे सबसे पहले नरेड़ी गांव पहुंचे, जहां करीब 1 घंटे तक रियलिटी चेक कर लोगों से बातचीत कर जानकारी ली। इसके बाद वे शाम 4 बजे सालट गांव पहुंचे। इसी दौरान एक महिला सिर और हाथ में पानी से भरा कलश लेकर जा रही थी। विधायक ने महिला को रोककर उनसे नाम पूछा। महिला ने अपना नाम गोमती बताया। फिर विधायक ने पूछा कि आप पानी लेकर कहां से आ रही हैं। महिला ने बताया- घर पर पानी नहीं आता है। जिससे घर से करीब 500 मीटर दूर एक नल से पानी भरकर ला रही है। इसके बाद विधायक ने महिला से पानी की समस्या को लेकर बातचीत की। इस दौरान महिला ने कहा- “पानी पीएंगे क्या?” इस पर विधायक ने जवाब दिया- “हां, बिल्कुल पीऊंगा, मेहनत का पानी है।” इसके बाद विधायक ने महिला के कलश से पानी पीया। इस दौरान विभागीय अधिकारी और संबंधित ठेकेदार भी मौके पर मौजूद रहे। पूरे गांव में योजना अधूरी मिली इसके बाद विधायक ने गांव में घूमकर निरीक्षण किया। जहां पाइपलाइन तो मिली, लेकिन पाइपलाइन के कनेक्शन में टोंटियां नहीं लगी थीं। इसके बाद उन्होंने कई और गांवों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने पाया कि कागजों में पूरी बताई जा रही योजना धरातल पर अधूरी है। कई घरों के बाहर पाइप तो पड़े मिले, लेकिन नलों में टोंटी तक नहीं लगी थी। ग्रामीणों ने बताया कि योजना शुरू हुए चार साल बीत गए, लेकिन आज तक घरों में पानी नहीं पहुंचा। गांवों में जलापूर्ति न होने के कारण महिलाएं आज भी मीलों दूर से सिर पर कलश रखकर पानी लाने को मजबूर हैं। विधायक ने मौके पर एक महिला के कलश से पानी पीकर योजना की स्थिति को सार्वजनिक रूप से उजागर किया। पाइपलाइन डालने के लिए कई जगह सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। हालात देखकर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए बुंदेली कहावत कही—
“एक को मारें दुई मर जाएं, तीसर खौफ खाए मर जाए।” अधिकारियों पर लगाया गुमराह करने का आरोप
विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी मंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं और झूठे आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर चार साल बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है तो यह विभाग की बड़ी नाकामी है। विधायक के मुताबिक 20 दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। करीब 38 दिन बाद भी जब गांवों में पानी नहीं पहुंचा तो विधायक खुद गांवों में जाकर हालात का जायजा लेने पहुंचे। अब जानिए विधायक ने क्यों किया रियलिटी चेक दरअसल, एक महीने पहले जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जिले के दौरे पर आए थे। इस दौरान विधायक बृजभूषण राजपूत ने करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर मंत्री का काफिला रोक लिया था। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी गई थीं।
मंत्री और विधायक के बीच हुई तीखी बहस इस दौरान विधायक ने मंत्री से कहा कि उनकी विधानसभा के 100 गांवों में आज तक पानी नहीं पहुंचा है और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग उनसे जवाब मांगते हैं और वे क्या जवाब दें। मौके पर विधायक समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच भी झड़प हो गई थी। एसडीएम और सीओ लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन लोग मंत्री का काफिला आगे बढ़ने नहीं दे रहे थे। 20 दिन में सुधार का दिया था आश्वासन बढ़ते विवाद के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक और प्रधानों को लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे, जहां डीएम गजल भारद्वाज के साथ बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने 20 दिनों के भीतर सभी समस्याएं दूर करने और खुदी हुई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। CM से SIT जांच की मांग
अब विधायक बृजभूषण राजपूत ने पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से SIT जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर चार साल बाद भी लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है तो यह विभाग की बड़ी नाकामी है। जल जीवन मिशन में बड़े स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार की आशंका है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। …………. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में सिलेंडर की किल्लत, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें:लखनऊ में झड़प, 3-3 सिलेंडर लेकर पहुंचे लोग यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई शहरों में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद सिलेंडर नहीं मिल रहे। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। लखनऊ की लालबाग एजेंसी में ग्राहक की पासबुक फाड़ने पर काफी देर तक हंगामा हुआ। कई लोग 3-3 सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंच गए। गोरखपुर में एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों ने कहा- 2-3 दिन से लाइन लगा रहे हैं। ऐसा लग रहा कि 15-20 साल पहले जैसे हालात हो गए हैं, जब गैस सिलेंडर के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। पढ़ें पूरी खबर…