संस्कृति मंत्रालय की ग्रांट से ‘द प्रपोजल’ का मंचन:लखनऊ में एंटोन चेखव के प्रसिद्ध नाटक की प्रस्तुति

लखनऊ में सुप्रसिद्ध रूसी नाटककार एंटोन चेखव की नाट्य रचना ‘द प्रपोजल’ का मंचन किया गया। यह आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली की रिपर्टरी ग्रांट के तहत किया गया।शहर के प्रसिद्ध रंग निर्देशक तुषार बाजपेयी ने इसका निर्देशन किया। यह प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, गोमती नगर में आयोजित हुई। इस नाटक के मंचन से पहले 60 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसे वरिष्ठ रंग निर्देशिका अचला बोस के निर्देशन में तैयार किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कर्नल संजय श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन कर किया। रिश्ते बनाए रखने के लिए धैर्य की आवश्यक यह नाटक रिश्तों में छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस और गुस्से के नकारात्मक परिणामों को दर्शाता है। एंटोन चेखव ने ‘द प्रपोजल’ के जरिए यह संदेश दिया कि अनावश्यक बहस और अहंकार संबंधों को कमजोर करते हैं। अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए धैर्य, क्षमा और आपसी समझ आवश्यक है। नाटक की कहानी एक विवाह प्रस्ताव के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें हास्य और व्यंग्य का पुट है। ग्रामीण रूस की पृष्ठभूमि पर आधारित यह कथा पात्रों की कमजोरियों और विचित्रताओं को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत करती है।मंच पर इवान लोमाव की भूमिका तुषार बाजपेयी ने, नतालिया की भूमिका तृप्ति सिंह ने और स्टीफन चुबुकोव की भूमिका अभिषेक सिंह ने निभाई। कलाकारों के दमदार अभिनय, संवादों और हाव-भाव ने दर्शकों को खूब हंसाया, जिससे सभागार ठहाकों से गूंज उठा।