मेरठ मेडिकल में विश्व किडनी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:लोगों की देखभाल, धरती की रक्षा पर आधारित थीम से दिया मरीजों को संदेश

मेरठ के LLRM मेडिकल कॉलेज में विश्व किडनी दिवस के अवसर पर गुर्दा रोग विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “लोगों की देखभाल, धरती की रक्षा” रखी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता ने की।
प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता ने कहा कि किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो खून को साफ करने के साथ-साथ शरीर में रसायनों और द्रव का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। किडनी की बीमारी पूरे शरीर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए लोगों को स्वस्थ आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना चाहिए। मेडिकल कॉलेज की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कुमारी ने बताया कि किडनी रोग से पीड़ित मरीजों में समय के साथ मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए किडनी की देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सुपरस्पेशियलिटी विभाग के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने कहा कि विश्व किडनी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को किडनी रोगों के प्रति जागरूक करना है। भारत में हर साल करीब दो लाख लोग किडनी से जुड़ी बीमारियों का शिकार होते हैं।
मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. योगिता सिंह ने बताया कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं। इसलिए समय-समय पर किडनी की जांच कराना, अधिक पानी पीना, तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहना, नमक कम खाना और तनाव से बचना जरूरी है। गुर्दा रोग विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. स्नेहलता वर्मा ने बताया कि किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती है। यदि किडनी ठीक से काम न करे तो शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं और कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी उद्देश्य से लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है।