मुरादाबाद में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार को प्रभावित किया है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने गुरुवार को शहर के रेस्टोरेंट संचालकों और दुकानदारों से बात की। उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे हैं। कई दुकानदारों ने जानकारी दी कि पांच-छह दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है, जबकि पहले बुकिंग के अगले दिन ही सिलेंडर उपलब्ध हो जाता था।
बुध बाजार स्टेशन रोड स्थित शंकर स्वीट्स के मालिक तेजस्वी गुप्ता ने बताया कि गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और आपूर्ति भी बाधित है। उन्होंने बताया कि जो सिलेंडर पहले लगभग 1400 रुपये में मिलता था। वह अब करीब 1800 रुपये में मिल रहा है। बढ़ती कीमतों का सीधा असर कारोबार पर पड़ा है, जिससे बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। तेजस्वी गुप्ता ने कहा कि फिलहाल उन्होंने खाद्य पदार्थों के दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन यदि सिलेंडर की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो उन्हें इस पर विचार करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि नए सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण वे मौजूदा सिलेंडरों से काम चला रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर कोयले व लकड़ी का भी उपयोग कर रही हैं। रामलीला ग्राउंड के पास स्थित एक अन्य मिठाई की दुकान के मालिक कुलदीप सैनी ने भी समान स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से सिलेंडर के दाम तेजी से बढ़े हैं और उनकी उपलब्धता भी मुश्किल हो गई है। दुकान में मौजूद सिलेंडर खत्म होने के कारण उन्हें मजबूरीवश लकड़ी और कोयले का उपयोग करना पड़ रहा है। कुलदीप सैनी ने बताया कि पहले जो लकड़ी करीब सात रुपये किलो मिलती थी, अब वह दस रुपये किलो हो गई है। इसके चलते दुकान चलाना और भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से कारोबार लगभग ठप पड़ा है और कामकाज काफी कम हो गया है। लाइन पार चौराहे के पास एक रेस्टोरेंट चलाने वाले हरिओम गुप्ता ने बताया कि सिलेंडर महंगा होने का असर उनके कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि पहले उनकी एक अलग मिठाई की दुकान थी, जहां मावा तैयार होता था, लेकिन अब खर्च कम करने के लिए दोनों काम एक ही जगह से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पुराने स्टॉक की वजह से काम चल रहा है, लेकिन अगर सिलेंडर की किल्लत इसी तरह बनी रही तो कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। दुकानदारों का कहना है कि सरकार की ओर से गैस की कोई कमी न होने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।