जिले में अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी गई। इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से मुकम्मल इंतजाम किए गए थे। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में आने वाले इलाको की जिम्मेदारी RAF-RRF ने संभाली। ड्रोन से भी निगरानी हुई। पहले एक नजर जुमे की नमाज पर
रमजान के महीने में जो अंतिम शुक्रवार आता है उसे अलविदा जुमा के नाम से जाना जाता है। यह इबादत, दुआ और अमन चेन का दिन है जो ईद के नजदीक आने का एहसास भी करता है। अलविदा जुमा पर विशेष नमाज और दुआएं कराई जाती हैं। इस दिन बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
अलविदा जुमा पर मस्जिदों मेंअच्छी खासी भीड़ उमड़ी। इसको देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेषण इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। इसको ध्यान में रखते हुए सभी 450 मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। करीब 1300 पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा बनाया गया था। संवेदनशीलता के अनुसार लगाई ड्यूटी
वैसे तो अलविदा जुमा के दिन सभी मस्जिदों में विशेष नमाज अदा कराई जाती है। जामा मस्जिद समेत शहर की कुछ बड़ी मस्जिद है जहां भारी संख्या में नमाजी आते हैं। इनमें कुछ स्थान संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। इन सभी स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स लगाया गया था। RAF-RRF को भी तैनात किया गया था। SDM और CO का रहा नेतृत्व
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन के एक-एक गजेटेड अफसर को तैनात किया गया था। यह सभी अफसर अपने-अपने क्षेत्र की मस्जिदों के आसपास ब्रह्मणशील रहे। हर स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराते रहे। सीओ एलआईयू प्रदीप कुमार खुद भ्रमणशील दिखे। इन्हीं की मौजूदगी में ड्रोन भी उड़ाया गया। एसपी बोले- शहर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों को ध्यान में रखकर ड्युटिया लगाई गई थी। शांतिपूर्ण नमाज संपन्न हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर इस दौरान भ्रमणशील रहे।