‘बाप-सौतेली मां को हमें सौंप दो, न्याय हम करेंगे’:लखनऊ में 4 साल के बच्चे के हत्यारोपियों को लोगों ने घेरा; पुलिस से मारने को कहा

लखनऊ में 4 साल के बच्चे की 12 मार्च को हत्या हो गई थी। हत्या करने का आरोप उसके पिता और सौतेली मां पर है। दोनों पुलिस की हिरासत में हैं। 14 मार्च (शनिवार) को पुलिस बच्चे के पिता और सौतेली मां को सीन रि-क्रिएशन के लिए घर लेकर पहुंची। दोनों को देखते ही मोहल्ले के लोगों ने बवाल कर दिया। पुलिस दोनों को घर के अंदर ले गई। बाहर से मोहल्लेवालों ने गेट फांदना शुरू कर दिया। लोग मृत बच्चे के बाप और उसकी सौतेली मां को गालियां दे रहे थे। सीन रि-क्रिएशन के बाद पुलिस दोनों को लेकर जब घर से बाहर निकलने लगी, तो लोगों ने घेर लिया। किसी तरह बचते-बचाते पुलिस दोनों आरोपियों को वहां से निकालकर ले जाने लगी। इस दौरान लोग पिता को आधे घंटे के लिए उनके हवाले कर देने के लिए चिल्ला रहे थे। उनका कहना था कि इन दोनों को छोड़ दो, न्याय हम लोग करेंगे। पुलिस ने जब कहा कि न्याय होगा तो एक शख्स ने कहा- या तो छोड़ दो या फिर तुम लोग ही इन्हें मारो। मामला चौक थाना क्षेत्र का है। घर के माहौल की 3 तस्वीरें- जानिए क्या है मामला लाजपतनगर में रहने वाले वकील भीष्म खरबंदा ने अपनी दूसरी पत्नी रागिनी के साथ मिलकर मासूम बेटे अर्नव की पीटकर 12 मार्च को हत्या कर दी थी। पुलिस से बचने के लिए उसने अर्नव के बीमार होने का षड्यंत्र रचा। उन्नाव की रहने वाली सुधा (अर्नव की नानी) ने जब अर्नव की बॉडी से कपड़े उतारकर देखे, तो उन्हें कई घाव के निशान दिखे। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। उसकी रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। चोट के कुल 18 निशान मिले। वकील की पहली पत्नी का बेटा था अर्नव
सुधा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने अर्नव की हत्या के आरोपी बाप भीष्म और उसकी दूसरी पत्नी रागिनी को गिरफ्तार कर लिया। अर्नव भीष्म की पहली पत्नी स्वाति कश्यप का बेटा था। स्वाति की मौत के बाद भीष्म ने रागिनी से दूसरी शादी कर ली थी। आरोप है कि जब रागिनी को भी बेटा हो गया, तो भीष्म और रागिनी ने अर्नव को मारना-पीटना शुरू कर दिया। अब पढ़िए मोहल्लेवालों का बवाल- लोगों ने पुलिस से छुड़ाकर पीटने की कोशिश की
शनिवार को चौक पुलिस सबूत जुटाने के लिए बच्चे की हत्या के आरोपी पति-पत्नी को उनके घर ले गई थी। दोनों को देखकर आसपास रहने वाले लोग आक्रोशित हो गए। कुछ ही देर बाद भीष्म के घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस फोर्स आरोपियों को आक्रोशित मोहल्लेवालों से बचाते हुए उनके घर के अंदर ले गई। इस बीच घर के बाहर लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने गेट फांदने का प्रयास किया। करीब एक घंटे बाद पुलिस पति-पत्नी को घर के बाहर लाई। इस पर स्थानीय लोगों ने उन्हें पीटने का प्रयास किया, गाली-गलौज की। आक्रोशित लोग पुलिस से कह रहे थे कि आरोपियों को उनके हवाले कर दिया जाए। पुलिस के मना करने पर कहने लगे कि तुम लोग ही इन्हें मारो। दामाद बनाकर यहां से ले जा रहे हो। माता-पिता ऐसा कर सकते हैं, इसकी उम्मीद नहीं
पड़ोसी अमन ने बताया- घटना को पहले मोहल्ले वाले हादसा मान रहे थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि कोई माता-पिता ऐसा कर सकते हैं। लेकिन, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद लोगों में गुस्सा भर गया है। मोहल्ले में ऐसी पहली घटना हुई है। भीष्म और उसकी पत्नी रागिनी हम लोगों से मतलब नहीं रखते थे। अर्नव को भी घर के बाहर निकलने नहीं देते थे। आक्रोशित लोग पुलिस से आरोपियों को सरेआम पीटने की गुजारिश करते रहे। लोगों ने पुलिस से आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की। मंदिर आता था तो बच्चे को गोद में ही लिए रहता था
मोहल्ले में बने मंदिर के पुजारी सुंदरम उपाध्याय ने बताया- भीष्म बच्चे के साथ मंदिर आता था। कभी ऐसा नहीं लगा कि इतना क्रूर और निर्दयी होगा। बच्चे को साथ लेकर आता था, लेकिन किसी अन्य को नहीं देता था। अपनी गोद में ही रखता था। एक बार मंदिर लेकर आया, तो नीचे उतारा, लेकिन बच्चा बैठा नहीं पाया। जब हमें घटना की जानकारी हुई तब अहसास हुआ कि शायद पिटाई की चलते बच्चा बैठ नहीं पाता था। आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। ऐसी सजा मिले कि कोई दोबारा करने की न सोचे
डॉ. ज्योति सिंह एक एनजीओ चलाती हैं और ऐसे मामलों में न्याय दिलाने का काम करती हैं। ज्योति ने कहा- इस मामले में बच्चों के सिर से लेकर पैर तक काफी गंभीर चोटे मिली हैं। बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ही पता चल जाता है कि बच्चे की हत्या की गई है। इस घटना में बच्चे को न्याय दिलाने के लिए अंत तक पैरवी करूंगी। इसमें जो भी खर्च आएगा, उसे खुद उठाऊंगी। उनका कहना है आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले। ऐसी सजा मिले कि मिसाल बने। लड़का पैदा होने के बाद खटकने लगा था अर्नव
उन्नाव के शुक्लागंज में रहने वाले अर्नव के मामा रोहित कश्यप बताते हैं- हमने 23 नवंबर, 2020 को बहन स्वाति की भीष्म से शादी कराई। 16 अक्टूबर 2021 को स्वाति ने बेटे अर्नव को जन्म दिया था। उसके बाद स्वाति की तबीयत खराब रहने लगी थी। भीष्म ने इलाज नहीं कराया, जिससे स्वाति की अप्रैल, 2022 में मौत हो गई। उसके बाद से अर्नव को हम लोग अपने साथ ले आए थे। स्वाति की मौत के बाद भीष्म ने हमसे छोटी बहन काजल से शादी करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन, बहन की प्रताड़ना देखकर काजल ने शादी के लिए मना कर दिया। इस बीच भीष्म ने रागिनी नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली थी। रागिनी को पहले से एक बेटी थी। बाद में भीष्म से भी एक बेटा पैदा हुआ। इसके बाद भीष्म बेटे अर्नव की भी कस्टडी मांगने लगा। इसके बाद 13 अगस्त, 2025 को भीष्म कोर्ट का आदेश लेकर आ गया। तब हमने अर्नव को उसके हवाले कर दिया। अगस्त 2025 के बाद से अर्नव से न तो ननिहाल के लोगों को मिलने दिया, न ही मोबाइल फोन पर ढंग से बात कराई। कई बार कहने पर 2-3 दिन बाद बात कराता था। दो बेटे हो जाने की वजह से रागिनी और भीष्म को प्रॉपर्टी का डर सताने लगा। उसके बाद से उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। चौक थाने के इंस्पेक्टर नागेश उपध्याय का कहना है कि दोनों को जेल भेज दिया गया है। कोर्ट से पूछताछ के लिए रिमांड मांगी गई है। ननिहाल में मनाया गया था पिछला बर्थडे अर्नव का पिछला बर्थडे उन्नाव में ननिहाल में मनाया गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें मामा, मौसी, नानी मिलकर उसका बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। उसके लिए ढेर सारे खिलौने रखे हैं। केक काटा गया। उसके बाद अर्नव खिलौनों से खेलता दिख रहा है। वीडियो से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ननिहालवाले अर्नव को कितना लाड़-प्यार करते थे। ————————- यह खबर भी पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट- 4 साल के मासूम के शरीर पर 18 चोट, लखनऊ में आरोपी पिता-सौतेली मां हिरासत में लखनऊ के चौक इलाके में 4 साल के बच्चे अर्नव की मौत को लेकर शॉकिंग खुलासा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्चे की शरीर पर चोट के 18 गंभीर निशान मिले हैं। कई हड्डियां टूटी थीं। पुलिस मान रही है कि बच्चे को बेरहमी से पीटने के बाद मुंह दबाकर मार डाला गया। (पूरी खबर पढ़िए)