जगन्नाथ मंदिर में रिसीवर नियुक्त:समिति-पुजारी विवाद के बाद कोर्ट का शांति व्यवस्था बनाए रखने का आदेश

मेरठ के सदर बाजार स्थित जगन्नाथ मंदिर में कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बाद कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। यह कदम आगामी श्री जगन्नाथ रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। बिल्वेशरनाथ मंदिर, जो मोहल्ला बिल्वश्ववरी में स्थित है, में मंदिर समितियों और पुजारी पक्ष के बीच भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले वर्ष भी श्री जगन्नाथ रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इस विवाद के संबंध में, पूर्व में 6 सितंबर 2024 को धारा 145 सीआरपीसी के तहत सभी पक्षों के खिलाफ एक रिपोर्ट भेजी गई थी। अधिकारियों को आशंका है कि आगामी श्री जगन्नाथ जी रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों में भी विवाद हो सकता है, जिससे शांति भंग होने की प्रबल संभावना है। अपर नगर मजिस्ट्रेट (सदर) दीपक माथुर ने थाना सदर बाजार के थानाध्यक्ष की 6 सितंबर 2024 और 6 मार्च 2026 की रिपोर्ट से संतुष्ट होकर यह आदेश दिया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि किसी भी पक्ष द्वारा मंदिर पर अपना कब्जा सिद्ध नहीं किया गया है और विवाद के कारण अप्रिय घटना घटित होकर शांति भंग हो सकती है। तहसीलदार मेरठ और थानाध्यक्ष सदर बाजार को मंदिर का कब्जा लेने और उसे कुर्क करने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्हें मंदिर की देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक न्यायालय द्वारा वास्तविक कब्जे का निर्धारण नहीं कर दिया जाता या सक्षम न्यायालय से कोई अन्य आदेश प्राप्त नहीं हो जाता। आदेश को वारंट के निष्पादन के तरीके से प्रमाणित कर 3 दिन में वापस लौटाने का निर्देश दिया गया है।