‘पंडित’ वाले सवाल पर मंत्री बोलीं- दोषियों पर होगी कार्रवाई:रजनी तिवारी ने कहा- सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर उपजे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आईं मंत्री ने इस घटना को ‘बहुत गलत’ बताया। मंत्री तिवारी ने कहा कि यह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग सरकार की बढ़ती हुई छवि को नुकसान पहुंचाने और लोगों की भावनाओं को आहत करने के इरादे से ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जिनकी सोच और विचारधारा अच्छी नहीं है, वे सरकार को आगे बढ़ते देख भयभीत हो रहे होंगे और उन्होंने दुर्भावना से यह कार्य किया होगा। रजनी तिवारी ने जोर देकर कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ निश्चित तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे बख्शा नहीं जाएगा। एनसीईआरटी की किताबों पर रोक लगाए जाने के बाद उच्च शिक्षा से जुड़े एक सवाल के जवाब में मंत्री ने प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता पर बात की। उन्होंने कहा कि आज के कॉलेज और विश्वविद्यालय पहले से बेहतर दिखाई देंगे। मंत्री ने दावा किया कि पहले की शिक्षा और आज की शिक्षा में बड़ा अंतर है, जहां अब स्कूलों और कॉलेजों में बच्चे और शिक्षक दोनों दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने का काम किया है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर ‘नकल का अधिकार’ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अच्छी शिक्षा देने का काम किया है।