गोरखपुर में रमजान के 29 रोजे पूरे होने के बाद गुरुवार शाम जिले में शव्वाल का चांद नहीं दिखा। मौसम साफ रहने के बावजूद आसमान पर नजरें टिकाए लोगों और उलेमा की कोशिशों के बाद भी चांद दिखाई नहीं दिया। देश के अन्य हिस्सों से भी चांद नजर आने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में अब जिले में ईद-उल-फित्र का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने बताया कि चांद नजर न आने के कारण शुक्रवार को 30वां रोजा रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आधार पर शनिवार को ईद मनाने का फैसला लिया गया है।
अंतिम जुमा को लेकर मस्जिदों में तैयारी
रमजान के आखिरी शुक्रवार यानी अंतिम जुमा को लेकर जिले की मस्जिदों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नमाज के लिए मस्जिदों में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं की गई हैं। रोजेदार बड़ी संख्या में नमाज अदा करने पहुंचेंगे। ईद से पहले बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। कपड़े, जूते-चप्पल, सेवईं और अन्य सामान की दुकानों पर लोगों की आवाजाही तेज हो गई है। देर रात तक बाजार खुले रहने से रौनक और बढ़ गई है। जकात-फित्रा बांटने पर जोर
शहर काजी ने कहा कि ईद का त्योहार खुशियां बांटने का है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को शामिल करें और जकात व फित्रा समय से अदा करें, ताकि हर जरूरतमंद भी ईद की खुशी मना सके। उन्होंने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और अमन-चैन के लिए दुआ करने की अपील की। कहा कि ईद का असली मकसद आपसी भाईचारा मजबूत करना और समाज में मोहब्बत फैलाना है।