स्कूल वैन से कुचलकर ढाई साल के बच्चे की मौत:मुजफ्फरनगर में खेलते समय गाड़ी के सामने आया, पहिया ऊपर से गुजरा

मुजफ्फरनगर में स्कूल वैन ने ढाई साल के बच्चे को रौंद दिया। मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चा टहलते हुए गाड़ी के सामने आ गया था। तभी स्कूली बच्चों को बैठाने के बाद ड्राइवर ने गाड़ी बढ़ा दी। गाड़ी का अगला पहिया बच्चे के ऊपर से गुजर गया। उसका सिर और कंधा कुचल गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, हालांकि तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। हादसे का सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें स्कूल वैन बच्चे को रौंदते हुए साफ दिख रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी वैन चालक को गिरफ्तार किया। घटना उमरपुर गांव की है। पहले देखिए 3 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… मुजफ्फरनगर के उमरपुर गांव में शनिवार सुबह करीब 8 बजे ग्रीन पब्लिक स्कूल की वैन बच्चों को लेने आई थी। वैन ड्राइवर ने बच्चों को बैठाया। उसी दौरान उमरपुर के रहने वाले शुभम सैनी का ढाई साल का बेटा केशव घर के बाहर खेल रहा था। वो खेलते-खेलते गली को पार कर वैन के आगे पहुंच गया। उसी समय वैन के ड्राइवर ने बिना आगे देखे गाड़ी स्टार्ट कर आगे बढ़ा दी। बच्चा ड्राइवर साइड वाले पहिए के नीचे आ गया। जिससे वैन का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। जिससे उसके कान से खून निकलने लगा। गाड़ी के नीचे से रोने की आवाज आई तो पता चला
गाड़ी में झटका लगने और गाड़ी के नीचे से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर चालक ने गाड़ी रोकी। हादसे का पता चलते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। परिजन भी मौके पर पहुंचे। बच्चे को अस्पताल लेकर गए। जहां थोड़ी देर इलाज के बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी वैन चालक केशव को गिरफ्तार कर लिया है। रोते हुए मां बोली- मेरे बाबू को दिखा दो
बच्चे की मौत के बाद मां अनुराधा और 4 साल की बहन वैष्णवी का रो रोकर बुरा हाल है। शाम साढ़े 6 बजे बच्चे का शव पोस्टमॉर्टम के बाद घर पहुंचा, तो चीख-पुकार मच गई। बच्चे के फूफा सोनू उसकी लाश को गोद में उठाकर घर तक लाए। बेटे की लाश देख मां रोते हुए बार-बार कहती रही कि मेरे बाबू का चेहरा मुझे दिखा दो। ये देखते ही बाकी लोगों की आखें भी नम हो गईं। बच्चे के पिता शुभम हलवाई का काम करते हैं। केशव उनका इकलौता बेटा था। अब सिर्फ 4 साल की बेटी वैष्णवी बची है। चाचा बोले- हमेशा नशे में रहता है चालक
चाचा सुरेश ने बताया- स्कूल वैन का चालक सनी इससे पहले भी दो हादसे कर चुका है। वो अक्सर नशे में गाड़ी चलाता है। गाड़ी में कोई दूसरा व्यक्ति भी देखरेख के लिए नहीं रहता। जिससे बच्चों को जान का भी हमेशा खतरा सताता रहता है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट: बर्बाद फसल देखकर किसान बोला- मर जाऊं तो अच्छा है:यूपी में सैकड़ों एकड़ फसल तबाह, VIDEO में देखें किसानों का दर्द ‘छह महीने से किसान सबकुछ लगाते-लगाते मर गए, लेकिन अब खाने को कुछ नहीं बच रहा। बारिश से सब बर्बाद कर दिया है। खाने को भी कुछ नहीं बच रहा। रात में तो मन कर रहा था कि किसी गाड़ी के सामने कूदकर मर जाएं। पहले खाद के लिए मारामारी रही। किसी तरह धान की फसल तैयार हुई, तो बारिश ने सब कुछ चौपट कर दिया।’ ये दर्द है उन किसानों का, जिनकी फसलें खेतों में बेमौसम बारिश में बर्बाद हो गईं। पूरी खबर पढ़ें