लखनऊ में ‘कुटुंब का पैग़ाम 2025’ प्री-राउंड:16 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित शीरोज़ हैंगआउट कैफ़े में ‘वी द न्यू डेफिनेशन ऑफ यंगस्टर्स फाउंडेशन’ ने ‘कुटुंब का पैग़ाम 2025’ के प्री-राउंड का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के माध्यम से परिवार के महत्व और सामाजिक मूल्यों को उजागर करना है। इस वर्ष की थीम ‘कुटुंब का पैग़ाम 2025’ थी। शहर के 16 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए यह संदेश दिया कि परिवार केवल एक संस्था नहीं, बल्कि प्रेम, अपनत्व और जिम्मेदारी से बुना एक बंधन है, जो समाज को जीवंत बनाए रखता है।कलाकारों ने अपने अभिनय से यह भी दर्शाया कि आधुनिकता के दौर में प्रगति आवश्यक है, लेकिन वास्तविक स्वतंत्रता अपनों से दूर होने में नहीं, बल्कि उनके लिए कुछ करने में है। 16 टीमों ने हिस्सा लिया इस आयोजन में श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी, बीबीडी यूनिवर्सिटी, जयपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, स्टडी हॉल कॉलेज, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, एलपीसीपीएस और जीसीआरजी ग्रुप सहित कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने परिवार, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। निर्णायक मंडल में फिल्म अभिनेता केशव पंडित, सेंट्रल गवर्नमेंट स्टैंडिंग काउंसिल के डॉ. शैलेंद्र शर्मा ‘अटल’, लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ मालवीय, डेंटल सर्जन डॉ. शिवानी कटारा और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. आस्था शर्मा शामिल थे। निर्णायकों ने युवा कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने परिवार की गहराई और समाज की सच्चाई को मंच पर सजीव कर दिया। चयनित टीमें सेमीफाइनल में हिस्सा लेंगी फाउंडेशन के संस्थापक देश दीपक सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता केवल एक नाट्य मंच नहीं, बल्कि युवाओं को सामाजिक संवेदनाओं से जोड़ने का एक अभियान है। उन्होंने जानकारी दी कि प्री-राउंड में चयनित टीमें 10 से 14 नवंबर तक चलने वाले सेमीफाइनल में हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 15 नवंबर को गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क एम्फीथिएटर में होगा। ‘वी द न्यू डेफिनेशन ऑफ यंगस्टर्स फाउंडेशन’ पिछले 11 वर्षों से युवाओं को मानवीय और सामाजिक विषयों पर नाट्य मंच प्रदान कर रहा है, ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकें।