बरेली के सीबीगंज के आदित्य शंकर गंगवार ने 220 घंटे लगातार बोलकर पढ़ने का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की ठानी थी, लेकिन सोमवार शाम तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें बीच में ही प्रयास रोकना पड़ा। आदित्य ने शनिवार 1 नवंबर सुबह 9 बजे से यह रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश शुरू की थी, लेकिन सोमवार रात 8:47 बजे तक वे 59 घंटे 17 मिनट ही बोल पाए। उल्टियां शुरू हुईं, हर घंटे मिलने वाला 5 मिनट ब्रेक भी खत्म होता गया
आदित्य के पिता शंकर लाल गंगवार ने बताया कि सोमवार सुबह से ही आदित्य को उल्टियां शुरू हो गईं। उन्होंने हर घंटे के बाद मिलने वाले 5 मिनट के विश्राम में भी कुछ नहीं खाया-पीया। धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई और 60वें घंटे से पहले डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी। डॉक्टरों की सलाह पर रोका गया रिकॉर्ड प्रयास
रिकॉर्ड प्रयास के दौरान मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार बोलने के चलते आदित्य के शरीर में कमजोरी आ गई थी। उनकी पल्स रेट और ब्लड प्रेशर में गिरावट आने पर तत्काल आराम कराया गया। गांव में छाया सन्नाटा, मगर हौसला बरकरार
आदित्य के घर पर माहौल भावुक हो गया। मोहल्ले के लोग जो दिन-रात उनका हौसला बढ़ाने पहुंच रहे थे, वे भी निराश नजर आए। हालांकि आदित्य ने कहा कि यह उनके लिए अंत नहीं है – “मैं थोड़ी तैयारी के बाद फिर कोशिश करूंगा, इस बार 220 नहीं, 250 घंटे बोलकर दिखाऊंगा।” क्या है गिनीज़ रिकॉर्ड की शर्तें
गिनीज़ बुक के मुताबिक, किसी व्यक्ति को हर घंटे 5 मिनट का ब्रेक मिलता है, जिसे वह 4 घंटे तक जोड़कर एक बार में 20 मिनट तक के आराम में बदल सकता है। बोलते समय माइक चालू रहना जरूरी होता है और बोलने का विषय शैक्षणिक होना चाहिए। बरेली में अब तक का सबसे लंबा प्रयास
आदित्य का यह प्रयास बरेली के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा स्पीच रीडिंग प्रयास रहा। इससे पहले किसी ने 48 घंटे से ज्यादा तक लगातार पढ़ने का रिकॉर्ड नहीं बनाया था। परिवार बोला – ‘हमारे लिए वो पहले से विजेता है’
पिता शंकर लाल बोले, “बेटे ने जो जज्बा दिखाया, वह अपने आप में मिसाल है। रिकॉर्ड टूटना बड़ी बात नहीं, कोशिश जारी रहना ही असली जीत है।”