फर्रुखाबाद में एक मां ने अपने 2 बच्चों को पुल से गंगा में फेंक दिया, फिर खुद भी छलांग लगा दी। वहां तैनात जल पुलिस की टीम ने तुरंत छलांग लगाकर मां और बच्चों का बचाया। टीम ने तुरंत महिला और बच्चों को CHC शमशाबाद में भर्ती कराया। महिला से जब बच्चों को गंगा में फेंकने का कारण पूछा गया तो उसने कहा- बच्चे रोते बहुत हैं, इसलिए फेंक दिया। मामला शमशाबाद ब्लॉक का है। अब पढ़िए पूरा मामला… न्यामतपुर गांव में जितेंद्र कुमार (28) अपनी पत्नी अर्चना (26) और 4 बच्चों के साथ रहता है। वह खेती-बाड़ी करता है। उसकी पत्नी अर्चना अपने 2 बच्चों आशीष (1) और आशिका (3) के साथ 5 दिन पहले हरदोई अपने मायके गई थी। 2 बच्चे आयुष और आरुष घर पर ही थे। गुरुवार को जितेंद्र पत्नी और बच्चों के साथ बाइक से वापस लौट रहे थे। उस समय फर्रुखाबाद के ढाई घाट गंगा पुल के नीचे मेला लगा था। जितेंद्र ने बाइक पुल पर खड़ी कर दी और बच्चों के लिए खिलौना लेने मेले में चले गए। पुल पर अर्चना दोनों बच्चों के साथ अकेली ही थी। इस दौरान बच्चे रोने लगे। इस बात से परेशान होकर उसने दोनों बच्चों को गंगा में फेंक दिया। इसके बाद खुद भी पुल से छलांग लगा दी। वहां, मौजूद लोगों ने बच्चों को फेंकता देख शोर मचा दिया। जल पुलिस की टीम ने तीनों को बचाया
शोर सुनकर तुरंत जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्टीमर से रेस्क्यू शुरू किया और तीनों को बचा लिया। इस बीच पति जितेंद्र भी भागकर मौके पर पहुंच गया। तीनों को तुरंत CHC शमशाबाद में भर्ती कराया गया। CHC के डॉक्टर विश्व दीप ने बताया कि तीनों की हालत स्थिर है और वो खतरे से बाहर हैं। महिला बोली- बच्चे रोते बहुत हैं और कोई दिक्कत नहीं
अर्चना ने कहा- उसे और कोई समस्या नहीं है। बच्चे रोते बहुत हैं, इसलिए फेंक दिया। सोचा बच्चों के साथ मैं भी मर जाऊं। इसलिए गंगा में छलांग लगाई। वहीं, जल पुलिस टीम के देवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि हम घटना स्थल पर मौजूद थे। तत्काल स्टीमर और अन्य सदस्यों की मदद से तीनों को बाहर निकाला। इसके बाद CHC ले गए। पति बोला- जब मैं वापस आया, तब तक उन्हें निकाल लिया
पति जितेंद्र ने बताया कि घर पर जो बच्चे थे, उनके लिए खिलौना लेने चला गया। खिलौने लेकर बाइक के पास वापस आ भी नहीं पाया। इस दौरान हंगामा मच गया। वहां मौजूद लोगों ने बताया की एक महिला ने पहले बच्चों को गंगा में फेंक कर खुद भी छलांग लगाई दी है। जब तक हम मौके पर पहुंचे तब तक उनको बाहर निकाल लिया गया था। —————————– ये खबर भी पढ़ें… मुस्कान के मां-बाप का बिजनेस तबाह, भाई की नौकरी गई:अब मेरठ छोड़ेंगे, मकान पर बिकाऊ का पोस्टर लगाया मेरठ के सौरभ हत्याकांड के बाद 8 महीने से मुस्कान और उसका बॉयफ्रेंड जेल में हैं। मुस्कान का मायका ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर में है। 5 नवंबर को घर पर लिखा गया ‘मकान बिकाऊ है’। मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी यहां अपनी पत्नी कविता, बेटे और बेटी के साथ रहते हैं। वो इस घर को बेचने के बाद कहां शिफ्ट होंगे। इसके जवाब में वह कहते हैं- पढ़ें पूरी खबर