हरियाणा में धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा बढ़ाई:दिल्ली ब्लास्ट के बाद फैसला; बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर बोले- मुसलमानों को गालियां देने वाला कभी हिंदू नहीं

बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का आज (10 नवंबर) हरियाणा में तीसरा दिन रहा। आज यात्रा फरीदाबाद के सीकरी गांव से शुरू हुई जो शाम को पलवल जिले में एंटर हुई। पदयात्रा अब सीनियर सेकेंडरी पहुंची, यहीं इसका रात्रि ठहराव है। उधर, दिल्ली में ब्लास्ट के बाद धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पहले हरियाणा पुलिस की 3 कंपनियां उन्हें सुरक्षा दी रही थीं, अब 2 और कंपनियां उनके साथ रहेंगी। पदयात्रा के दौरान सिख समुदाय ने धीरेंद्र शास्त्री को पगड़ी पहनाई। वहीं एक युवक ने धीरेंद्र शास्त्री को टोपी गिफ्ट की, जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए उसे आशीर्वाद दिया। बाघोला गांव में एक व्यक्ति ने धीरेंद्र शास्त्री के पैर पकड़ लिए। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने व्यक्ति के कंधे पर हाथ रख उन्हें अपने साथ चलाया। पलवल में दुकान का छज्जा गिर गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। लोग छत पर चढ़कर धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा देख रहे थे। बाघोला में यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- मुसलमानों को गालियां देने वाला कभी हिंदू नहीं हो सकता। हिंदू वो है, जो अपने सनातन के लिए तालियां बजवा दे। हमें अपनी बात रखी चाहिए। इस देश में जितने मुसलमान रहते हैं, उनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिनके पूर्वज हिंदू हैं। पहले ये लोग हो गए थे। अब समय बढ़िया है, वापस आ जाएं। यात्रा से जुड़े PHOTOS.. बोले- मौलाना यात्राओं का मतलब समझते हैं तो निकालें
फरीदाबाद में यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि “यात्रा निकालने का हक सभी को है। अगर मौलाना यात्राओं का मतलब समझते हैं तो वे भी निकालें।” उनका यह बयान मौलाना साजिद रशीदी के बयान के जवाब में आया, जिसमें मौलाना ने कहा था- ये लोग हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं। अगर मैं मुस्लिम राष्ट्र के लिए यात्रा निकालूं तो मेरे खिलाफ केस दर्ज हो जाएंगे। सिम्मी को भी इसलिए बैन किया गया, क्योंकि वह मुस्लिम राष्ट्र चाहते थे। जो कथावाचक 15-20 लाख रुपए लेकर कथा सुनाता है, वह धार्मिक कैसे हो सकता है? पदयात्रा के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…