आगरा में उप्र विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति की समीक्षा बैठक हुई। सभापति अंगद कुमार ने एक महीने में सभी स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन लाइन शिफ्टिंग का काम पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही डीवीवीएनएल को टोरेंट की तरह शिकायत को रेस्पांस टाइम में पूरा करने को कहा। सर्किट हाउस में हुई समीक्षा बैठक में प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था सम्बन्धी जांच समिति के सदस्य मानवेन्द्र प्रताप सिंह,सत्यपाल सिंह सैनी, विजय शिवहरे,आकाश अग्रवाल उपस्थित रहे। आगरा,फिरोजाबाद, मैनपुरी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, रखरखाव और प्रबंधन प्रणाली की जानकारी प्राप्त की गई। समिति ने निर्देशित किया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार ही बिजली कटौती हो। समिति द्वारा पंचायत भवनों, नगरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सामुदायिक शौचालयों, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन की स्थिति की जानकारी ली गई। बैठक में चीफ अभियंता विद्युत आगरा ने बताया कि कुल 450716 उपभोक्ता हैं। स्वीकृत क्षमता भार 1172232 किलोवॉट है। वर्तमान में प्रतिदिन शहरी क्षेत्र में औसतन 24 घंटे, तहसील स्तर पर 21.30 घंटे और ग्रामीण स्तर पर 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। कुल 54437 ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनकी क्षमता 1925251 केवीए है। उपभोक्ताओं का विद्युत भार 1172232 है। जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बार-बार खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, वहां उच्चीकृत क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि आगरा में 93, फिरोजाबाद में 80 एवं मैनपुरी में 36 स्कूलों के लिए लाइन शिफ्टिंग के लिए धनराशि निर्गत की जा चुकी है। सभापति ने 6 माह में मीटर रीडरों के कार्यक्षेत्र बदलने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा)शुभांगी शुक्ला, चीफ अभियंता विद्युत कपिल सिन्धवानी सहित जनपद आगरा, फिरोजाबाद व मैनपुरी के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीएम आगरा अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीएम मैनपुरी अंजनी कुमार सिंह व सहायक पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह ने सभापति को मोमेंटो देकर सम्मान किया।