कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष महास्थवीर भंते ज्ञानेश्वर की अंतिम यात्रा मंगलवार को 10 बजे बर्मी बुद्ध विहार से निकली। शव यात्रा में पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व उनकी बेटी पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य ने पहुंचकर प्रार्थना की। म्यांमार के राजदूत उ जा ऊ, रंगून के भंते न्यानीसार सितागू सहित करीब 10 हजार बौद्ध अनुयाई, बौद्ध भिक्षु व करीब 40 देशों के लोग कुशीनगर पहुंचे। रास्ते में स्कूली बच्चे जगह जगह बौद्ध गुरु के पार्थिव शरीर पर पुष्प वर्षा करते रहे। कतार में खड़े बच्चे भंते ज्ञानेश्वर अमर रहें, भंते जी अमर रहें के जय घोष करते रहे। अंतिम यात्रा बर्मी बुद्ध विहार परिसर के मेन बुद्ध गेट कुशीनगर से होते हुए जेटी तिराहे पर पहुंची। जहां से कसया ओवर ब्रिज से देवरिया रोड, दीवानी कचहरी, रामा भार स्तूप, माथा कुंवर होते हुए अंत्येष्टि स्थल वर्मा बुद्ध विहार पहुंचकर समाप्त हुई। भीड़ को देखते हुए एक प्लाटून पीएससी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया। 4 घंटे नगर भ्रमण के बाद दोपहर 3:10 बजे म्यांमार से उनके परिवार के 5 सदस्यों ने भंते ज्ञानेश्वर को मुखाग्नि दी। बौद्ध संत का 31 अक्तूबर की रात लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। तस्वीरों में देखिए अंतिम दर्शन बौद्ध गुरु की अंतिम यात्रा के पल पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइये…