पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक चौधरी बशीर को पत्नी और बच्चों के भरण पोषण की रकम जमा नहीं करने पर न्यायालय द्वारा वारंट जारी किए गए थे। इस मामले में मंगलवार को मंटोला पुलिस ने पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने पर बकाया 40 हजार रुपये जमा करने के बाद अगली तिथि तक संपूर्ण बकाया जमा करने की शर्त पर न्यायालय ने उन्हें रिहा किया। बसपा सरकार में मंत्री रहे पूर्व विधायक मंटोला में रहते हैं। चौधरी बशीर के विरुद्ध थाना ताजगंज क्षेत्र निवासी उनकी पत्नी ने पारिवारिक विवाद के बाद स्वयं के और अपने दो पुत्रों के भरण पोषण की मांग कर 23 सितम्बर 2019 को न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया था। 13 फरवरी 2023 को न्यायालय ने पूर्व मंत्री के विरुद्ध आदेश पारित कर भरण पोषण के लिए प्रत्येक को पांच -पांच हजार रुपए कुल मिलाकर 15 हजार रुपए महीना मुकदमा दर्ज किए जाने की तिथि से अदा करने के आदेश दिए थे। राशि अदा नहीं करने पर वारंट जारी होने पर थाना मंटोला पुलिस द्वारा मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। पूर्व मंत्री के अधिवक्ताओं ने प्रार्थना पत्र और सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित नजीर का हवाला देकर मामले में अब तक 3 लाख 60 हजार रुपए जमा करने की जानकारी दी। अंतरिम भरण पोषण के रूप में भी 2 लाख 20 हजार रुपए जमा कराने के बारे में बताया। 40 हजार रुपए और जमा कर शेष धनराशि की अदायगी के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र स्वीकृत कर शेष बकाया धनराशि 26 लाख पांच हजार 17 नवंबर तक अदा करने की शर्त पर रिहाई के आदेश दिए।