‘मेरी 2003 में अरेंज मैरिज हुई थी। दो बच्चे भी हुए। शाहीन अक्सर यूरोपियन कंट्री में चलने का दबाव बनाती थी, लेकिन मैं यहीं रहना चाहता था। एक दिन अचानक शाहीन हम लोगों को छोड़कर चली गई। 2015 में हमारा तलाक हो गया। इसके बाद वह कभी लौटकर नहीं आई। हमारे बीच कभी विवाद नहीं रहा।’ लखनऊ की लेडी आतंकी डॉ. शाहीन के पूर्व पति, डॉ. जफर हयात ने दैनिक भास्कर से ये बातें कहीं। वह केपीएम हॉस्पिटल में नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। डॉ. शाहीन शाहिद को 10 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से अरेस्ट किया गया। इसी दिन दिल्ली में कार में ब्लास्ट हुआ। इसके बाद 11 नवंबर को ATS और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ के लालबाग खंदारी बाजार स्थित उसके पुश्तैनी घर और मड़ियांव में उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी के यहां छापेमारी की थी। इसके बाद आतंकी डॉ. शाहीन के पूर्व पति पहली बार कैमरे के सामने आए। उन्होंने कहा, “शाहीन कभी भी धर्म या मजहब की बात नहीं करती थी। दिल्ली ब्लास्ट में उसका नाम जुड़ने से हम सभी सदमे में हैं।” कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम भी बुधवार सुबह अस्पताल पहुंची और डॉ. हयात से शाहीन को लेकर पूछताछ की। पढ़िए, डॉ. जफर का पूरा इंटरव्यू… सवाल. शाहीन से कैसे मुलाकात हुई? क्या आप लोगों की लव मैरिज थी? जवाब. शाहीन ने कानपुर मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) में जॉइन किया, तब हमारी मुलाकात हुई। उस समय मैं शहर में अपना प्रैक्टिस करता था। हमारी अरेंज मैरिज हुई थी। सवाल. आप लोगों में दूरियां कैसे बनने लगीं? जवाब. हमारी शादी के 9-10 साल बहुत अच्छे बीते। केवल सोच का अंतर था। वह हमेशा यूरोपियन कंट्री चलने की बात करती थी, लेकिन मैं अपने देश में रहना चाहता था। एक दिन वह अचानक हम लोगों को छोड़कर चली गई। इसके बाद 2015 में हमारा तलाक हो गया। सवाल. क्या तलाक के बाद आपका डॉ. शाहीन से कोई संपर्क हुआ? जवाब. तलाक के बाद मेरा उसके साथ कोई संपर्क नहीं रहा। शादी के दौरान भी कभी ऐसा नहीं लगा कि शाहीन किसी गलत काम में शामिल हो सकती है। जब वह गई, तब हमारे दो छोटे बच्चे थे। एक बेटा तो स्कूल भी जाने लगा था। लेकिन शाहीन चली गई, फिर कभी उसने संपर्क करने की कोशिश नहीं की। सवाल. शाहीन का स्वभाव कैसा था? जवाब. मेरे बच्चे छोटे हैं। मैंने अभी उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया है। शाहीन बहुत शांत स्वभाव की थी। कभी धर्म या मजहब की बातें नहीं करती थी। पढ़ाई में उसका बहुत इंटरेस्ट था। लेकिन इस मामले में उसका नाम जुड़ने से सभी सदमे में हैं। अब पढ़िए डॉ. शाहीन के बारे में… तलाक के बाद बदली जिंदगी, जैश के संपर्क में आई तलाक के बाद शाहीन की जिंदगी ने नया मोड़ लिया। सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान उनकी मुलाकात फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे डॉ. मुजम्मिल से हुई मुजम्मिल ने ही शाहीन को अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एंट्री दिलाई, जहां उन्होंने मेडिकल फैकल्टी के तौर पर काम शुरू किया। धीरे-धीरे वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग “जमात उल मोमिनात” के संपर्क में आईं। एजेंसियों का कहना है कि यहीं से शाहीन की भर्ती महिला कमांडर के तौर पर की गई। ————————
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एक्सक्लूसिव CPMT टॉपर थी शाहीन, तलाक के बाद बनी आतंकी: लखनऊ में पिता बोले- बेटी आतंकी नहीं हो सकती, मेरा दिल नहीं मानता “मेरी बेटी शाहीन मेडिकल कॉलेज में टॉपर थी। वह आतंकी नहीं हो सकती, मेरा दिल नहीं मानता। हमारी बेटी ने लोगों की सेवा में जिंदगी बिताई है। RDX मिलने की खबर सुनकर हम सकते में हैं। हमारी आखिरी बात करीब एक महीने पहले हुई थी।” यह कहना है लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिद के पिता सईद अंसारी का। पढ़िए पूरी खबर