आसिफ टिड्डा के टारगेट पर थे 2 पीतल कारोबारी:मुरादाबाद में किडनैपिंग से पहले एनकाउंटर; चाचा बोले- उसकी तो बीवी भी छोड़ गई

वेस्ट यूपी के बदमाश आसिफ टिड्‌डा और इलियास उर्फ दीनू का 10 नवंबर की रात पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। मुरादाबाद पुलिस के पास 2 पीतल कारोबारियों की किडनैपिंग का इनपुट था। दोनों बदमाश किडनैपिंग कर पाते, इससे पहले ही उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। करीब 25 मिनट की फायरिंग में दोनों तरफ से 46 राउंड गोलियां चलीं। टिड्डा के पैर और पेट में पुलिस की 3 गोलियां लगीं, जबकि दीनू के पेट में 2 गोलियां धंसी मिलीं। 11 नवंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों की लाशें पुलिस ने परिवार के सुपुर्द कर दीं। आसिफ उर्फ टिड्‌डा के परिजन बोले- उसकी हरकतों से पूरा खानदान परेशान था। बीवी भी छोड़ गई, वो 6 साल पहले घर छोड़कर चला गया था। 2 महीने पहले कटघर के जिस प्रॉपर्टी डीलर मो. जफर से 1 करोड़ की फिरौती मांगी, वो कहते हैं- पुलिस इन बदमाशों को न ढेर करती तो ये मुझे ही मार डालते। 1 करोड़ मांग रहे थे, इनके डर से मेरा परिवार 1 महीने घर में कैद रहा। फिर मेरे ऑफिस आकर 2 लाख रुपए ले गए। एनकाउंटर में मारे गए बदमाश आसिफ और इलियास के परिवारों की बात समझने के लिए दैनिक भास्कर टीम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… चचेरे भाई बोले- लॉकडाउन में जेल से छूटा, तभी देखा
परिजनों में एक शख्स हमसे कैमरे पर बात करने को तैयार हुए। उनका नाम मुजम्मिल है, वो दीनू उर्फ इलियास की डेडबॉडी लेने आए थे। मुजम्मिल क्या कहते हैं, ये पढ़िए… सवाल. आप कहां रहते हैं, दीनू के बारे में कुछ बताइए? जवाब. मैं मेरठ के सरूरपुर इलाके के खिवाई गांव का रहने वाला हूं, मैं दीनू का रिश्ते का चचेरा भाई हूं। इलियास के बारे में क्या बताए, वो तो 6 साल पहले ही गांव छोड़कर चला गया। इसके बाद उसको किसी ने नहीं देखा। जब तक वो गांव में रहा, आए दिन पुलिस, थाने-कोर्ट कचहरी के चक्कर लगते थे। पुलिस कभी भी उसके घर पर दबिश देने आ जाती थी। सवाल. परिवार के लोग क्या उसको सपोर्ट करते थे? जवाब. अरे नहीं, सब परेशान थे। मगर करते क्या… लॉकडाउन के दौरान तो उसकी बीवी भी छोड़कर चली गई। सवाल. आप लोगों ने उसको आखिरी बार कब देखा? जवाब. करीब 5 साल पहले से इलियास उर्फ दीनू जेल में बंद था। वो लॉकडाउन में छूटकर आया था। इसके बाद कुछ दिन गांव में नजर आया और फिर गायब हो गया। इसके बाद उसे किसी ने नहीं देखा। आसिफ, इलियास के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले मो. जफर की बात फोन पर धमकाया- 1 करोड़ दे दो, नहीं तो मार देंगे
प्रॉपर्टी डीलर मो. जफर ने 27 सितंबर, 2025 को FIR दर्ज कराई। भास्कर टीम ने मो. जफर से संपर्क किया। उन्होंने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया। लेकिन अपने साथ हुए घटनाक्रम के बारे में खुलकर बताया। वह कहते हैं- 22 सितंबर, 2025 की रात करीब 8.30 बजे मैं अपने घर में मौजूद था। मेरे मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। मुझे धमकाते हुए कहा कि एक करोड़ रुपए का इंतजाम कर लो। अगर पैसा नहीं दोगे तो गोली मार देंगे, इसके बाद कॉल कट गई। इसके बाद हमारी तो रात कटना मुश्किल हो गई। अगले दिन फिर कॉल आई, उसने बताया कि मैं मेरठ से आसिफ टिड्डा बोल रहा हूं, अब तक रुपयों का इंतजाम हुआ या नहीं। मैंने कहा- मैं प्रॉपर्टी डीलर जरूर हूं, लेकिन इतनी ज्यादा रकम की व्यवस्था होने में टाइम लगता है। तब आसिफ ने धमकाते हुए कहा- अगर रुपए का इंतजाम नहीं कर सकते तो खुद को मरा समझ लेना। इसके बाद उसने फोन काट दिया। 3 दिन बाद 2 बदमाश आए, मुझसे 2 लाख ले गए
इस तरह से 3 दिन गुजर गए। फिर 2 बदमाश मेरे ऑफिस आए। एक बदमाश ने अपनी जेब से तमंचा निकालकर मुझ पर तान दिया। उसने गोली मारने की धमकी देकर हुए कहा- मैं मेरठ का आसिफ टिड्डा हूं। मेरे नाम के बारे में पता कर लेना। मैं बहुत घबरा गया था, लगा कि ये लोग तो गोली मार ही देंगे। तब ऑफिस से 2 लाख रुपए निकालकर उन्हें दिए। एक बदमाश मेरा पर्स भी अपने साथ ले गया। उन्होंने धमकाया कि बाकी रकम का इंतजार करके रखना, लेने आएंगे। घर पर फायरिंग की, तब FIR लिखवाई गई इसके कुछ दिन बाद फिर कॉल आई और बाकी रकम मांगी गई। मो. जफर कहते हैं- हम लोग डरे हुए थे, पुलिस को कुछ नहीं बताया। 27 सितंबर की रात करीब एक बजे मेरे घर पर फायरिंग की गई। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया, पूरे मामले की जानकारी दी। FIR लिखने के बाद पुलिस ने आसिफ की तलाश शुरू की। मुरादाबाद पुलिस को जब दोनों की लोकेशन नहीं मिली, तो यूपी STF को एक्टिव किया गया। बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) रमित शर्मा ने आसिफ उर्फ टिड्डा पर एक लाख रुपए और उसके साथी इलियास उर्फ दीनू पर 50 हजार रुपए पुरस्कार घोषित किया था। आसिफ उर्फ टिड्डा की क्रिमिनल हिस्ट्री आसिफ पर 65 मुकदमे, लूट-डकैती और किडनैपिंग करता रहा
20 साल पहले आसिफ के खिलाफ मेरठ के ब्रह्मपुरी में चोरी का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद उसने लूट, डकैती, फिरौती मांगने और अपहरण जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम दिया। उसके खिलाफ 65 मुकदमे दर्ज हैं। आसिफ उर्फ टिड्डा का परिवार गाजियाबाद जिले भोजपुर के कलछीना में रहता था। आसिफ के पिता की मौत हुई तो उसने अपना ठिकाना बदल लिया। इसके बाद वह मेरठ में रहने लगा और अपना गैंग बना लिया। यहां उसने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया। उसने अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, मुरादाबाद, सहारनपुर, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के पानीपत में वारदातें की। SSP सतपाल अंतिल खुद वादी, पढ़िए FIR में क्या लिखवाया…
कार में मौजूद बदमाशों को सरेंडर करने को कहा, तब फायरिंग हुई
एनकाउंटर की घटना को लेकर मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल ने एक एफआईआर भोजपुर थाने पर दर्ज कराई है। एसएसपी अंतिल ने खुद पूरे ऑपरेशन को लीड किया था। इसलिए FIR में एसएसपी खुद वादी बने हैं। पढ़िए उन्होंने FIR में क्या लिखवाया- भोजपुर एरिया में गोट के जंगल में बदमाशों की मौजूदगी की जानकारी पर पुलिस ने घेराबंदी की थी, जंगल में एक जगह पर कार खड़ी दिखी। इस पर कोई नंबर नहीं था, कार की घेराबंदी होने के बाद पुलिस की तरफ से बदमाशों को सरेंडर होने के लिए कहा, बदमाश अचानक गोलियां चलाने लगे। कार्बाइन और पिस्टल से पुलिस पर गोलियां बरसाई जाती रहीं। गोलीबारी की आड़ में बदमाश भाग निकलने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन चारों तरफ से पुलिस घेर चुकी थी, इसलिए बदमाश फंस गए। बदमाशों की तरफ से चली गोली एसएसपी सतपाल अंतिल की बुलेटप्रूफ जैकेट में धंस गई। इसके बाद पुलिस ने पेड़ों की आड़ से गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में आसिफ और उसके साथी इलियास पुलिस की गोली लगने से जख्मी हो गए। इसी फायरिंग के बीच एक गोली एएसपी एसटीएफ जय सिंह की जैकेट में भी लगी। घायल बदमाशों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। पुलिस चाहती थी कि इन बदमाशों से पूछताछ की जा सके, मगर डॉक्टर इन्हें बचा नहीं सके। टिड्डा के पैर और पेट में 3 गोलियां लगीं, जबकि दीनू के पेट में 2 गोलियां धंसी हुई मिली। इस एनकाउंटर में मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल की जान बाल-बाल बची। उनकी जैकेट में कार्बाइन की गोली लगी थी। गनीमत रही कि बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से गोली शरीर में नहीं लगी। ————– ये भी पढ़ें – मुरादाबाद में एक साथ दो बदमाश एनकाउंटर में मारे गए:SSP-ASP STF की जैकेट में धंसी कार्बाइन की गोली; 24 घंटे में 3 अपराधी ढेर मुरादाबाद में पुलिस और मेरठ STF यूनिट ने दो बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया है। इनके नाम आसिफ उर्फ टिड्‌डा और दीनू हैं। टिड्‌डा ने हरियाणा में 40 लाख की डकैती डाली, जिसमें उसे सजा भी हो चुकी थी। लेकिन वह फरार चल रहा था। उसने मुरादाबाद के एक कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। उस पर हत्या-लूट और डकैती जैसे 65 मुकदमे दर्ज थे। वह एक लाख का इनामी था, जबकि डकैत दीनू पर 50 हजार का इनाम था। उस पर 35 मुकदमे थे। पढ़िए पूरी खबर…