‘9 नवंबर को सर पढ़ाने आए तो उन्होंने पूछा कि घर पर कोई नहीं है क्या। मैंने बताया कि पापा-मम्मी बुआ को देखने हॉस्पिटल गए हैं। इसके बाद वह मेरे करीब आने की कोशिश करने लगे। तब मुझे एहसास हुआ कि सर का इरादा ठीक नहीं है। फिर बैड टच करने लगे। मुझे पकड़कर अपनी ओर खींचने लगे। मैं रोने लगी। सर से कहा- आप ये क्या करना चाह रहे हैं। इस पर डांटते हुए बोले- जो कहता हूं, करते जाओ, बहुत दिन से इसका इंतजार था। फिर मेरे हाथ से किताब छीनकर फेंक दी। इस पर मैं जोर से चिल्लाई, तब वह धमकी देते हुए भाग गए।’ गोरखपुर की 15 साल की छात्रा ने यह आपबीती अपनी चाची को बताई। उसके शरीर पर संघर्ष के निशान थे। यह देखकर चाची का खून खौल गया। उन्होंने तुरंत परिवार को ट्यूशन टीचर की करतूत बताई।छात्रा के पिता ने 10 नवंबर को रामगढ़ताल थाने में टीचर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। अगले दिन टीचर आलोक यादव (25) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वह गिड़गिड़ाने लगा। वह बार-बार कह रहा था-मुझे माफ कर दो, आगे ऐसी गलती नहीं करूंगा। आलोक महाराजगंज जिले के अहिरौली गांव का रहने वाला है। यहां रामगढ़ताल इलाके में किराए के घर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। छात्रा को वह पिछले दो साल से पढ़ा रहा था। पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… पिता बोले- टीचर पर परिवार को अंधा विश्वास था…
रामगढ़ताल इलाके में रहने वाली छात्रा के पिता इलेक्ट्रीशियन और मां हाउसवाइफ हैं। छात्रा इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ती है। छात्रा के पिता ने बताया- 8वीं कक्षा में जब बेटी आई तो उसके सवालों के जवाब देने में मुझे भी परेशानी होने लगी। इसी बीच हमारे एक परिचित ने बताया कि वह एक ट्यूशन टीचर को जानते हैं, जो घरों में जाकर पढ़ाता है। मैंने उस ट्यूशन टीचर को पढ़ाने के लिए रख लिया। रोज टीचर दिन में 3 से 4:30 बजे तक बच्ची को ट्यूशन पढ़ाने आने लगा।उसे एक गुरु की तरह सम्मान दिया जाता था। घर के सभी लोग उस पर अंधा विश्वास करते थे। लेकिन वह तो हैवान निकला। गुरु-शिष्य के रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया। बहन को हॉस्पिटल में देखने गए, बेटी अकेली थी पिता ने बताया- मेरी बहन का शहर के ही एक हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ था। 9 नवंबर की दोपहर 3 बजे पत्नी को साथ लेकर बहन को देखने हॉस्पिटल चला गया। इस दौरान बेटी घर पर थी। घर के बगल में भाई का परिवार भी रहता है, उनकी पत्नी भी घर पर थीं। मैंने बेटी से कहा कि तुम ट्यूशन पढ़कर चाची के पास चले जाना। हम लोग घर से बाहर निकले, इसके बाद ट्यूशन टीचर आलोक यादव घर पर आया। मगर बेटी को घर में अकेला पाकर उसने उसके साथ गंदी हरकतें कीं। बेटी ने यह बातें अपनी चाची से रो-रोकर बताईं। टीचर ने आते ही पूछा-घर पर कोई नहीं है क्या
बेटी ने बताया कि सर पढ़ाने आए तो उन्होंने पूछा कि घर पर कोई नहीं है। मैंने बताया कि पापा-मम्मी बुआ को देखने हॉस्पिटल गए हैं। इसके बाद वह पढ़ाई कम, मजाक ज्यादा करने लगे। मैं कुछ समझ नहीं पाई। धीरे-धीरे वह मेरे करीब आने की कोशिश करने लगे। तब मुझे एहसास हुआ कि सर का इरादा ठीक नहीं है। इसके बाद मैंने सर से कई बार कहा- प्लीज, आप चले जाइए। लेकिन वह मुझे बैड टच करने लगे। आखिर में मैंने जोर से चिल्लाया, तब वह धमकी देते हुए भाग गए। चाची भी दौड़कर आईं। मुझे रोते हुए देखकर पूछा कि क्या हुआ। तब मैंने उन्हें सारी बातें बताईं। ट्यूशन टीचर ने कहा- मुझसे गलती हुई…
रामगढ़ताल पुलिस ने ट्यूशन टीचर आलोक यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वह बार-बार कह रहा था- मुझे माफ कर दो, आगे ऐसी गलती नहीं करूंगा। घरवाले मुझे बड़ा अधिकारी बनाने के लिए बाहर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने भेजे थे, लेकिन मैंने कुछ और कर दिया। इससे मेरे साथ ही घरवालों का भी सिर शर्म से झुक जाएगा। कुछ भी कीजिए, घर वालों को यह बात मत बताइएगा। यह कहकर वह अपने किए पर पछता रहा था। थाना प्रभारी बोले-छात्रा का बयान दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
इस संबंध में रामगढ़ताल थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया-पिता की तहरीर पर FIR दर्ज कर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई थी। मंगलवार को आरोपी को पकड़ लिया गया। कानूनी कार्रवाई कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है। DDU प्रोफेसर बोलीं- ट्यूशन टीचर को जांच-परखकर रखें
गोरखपुर यूनिवर्सिटी समाजशास्त्र की प्रोफेसर संगीता पांडेय ने कहा- आजकल माता-पिता बच्चों की सफलता को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। खुद व्यस्त होने के कारण उन्हें घर पर ट्यूशन रखना आवश्यक लगने लगा है। ऐसे में वे बिना जांच-पड़ताल किए ग्रेजुएट लड़कों को ट्यूशन के लिए रख लेते हैं। कभी-कभी स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर ही अपने किसी परिचित को ट्यूशन या कोचिंग के लिए सुझा देते हैं। ऐसे में ये टीचर सप्ताह में केवल एक-दो दिन, एक घंटे का समय देकर 5,000 से 10,000 रुपए तक फीस मांगते हैं। आजकल के पेरेंट्स इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। धीरे-धीरे वे इन युवा टीचर्स पर अत्यधिक भरोसा करने लगते हैं। शहरों में न्यूक्लियर फैमिली होने के कारण बच्चों की निगरानी में जरा सी चूक होते ही वे शोषण के शिकार हो जाते हैं। ———————– ये खबर भी पढ़िए- AK-47 लेकर चलने वाली आतंकी की गर्लफ्रेंड की कहानी: शाहीन कानपुर के हैलट में 7 साल डॉक्टर रही; तलाक लेकर जैश से जुड़ी दिल्ली ब्लास्ट की जांच के दौरान एक नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है डॉ. शाहीन शाहिद का। हरियाणा के फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल को अरेस्ट करने के बाद पुलिस ने उसकी गर्लफ्रेंड डॉ. शाहीन को भी गिरफ्तार कर लिया है। पहले शादी, फिर तलाक और इसके बाद आतंकी की गर्लफ्रेंड बनकर उसका साथ देने वाली शाहीन की कहानी का एक अहम हिस्सा कानपुर से भी जुड़ा है। उसने अपने जीवन के 7 साल कानपुर में गुजारे। पढ़ें पूरी खबर…