बरेली में रेलवे के ट्रेन मैनेजरों (गार्ड्स) ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC) इज़्ज़तनगर मंडल के बैनर तले, ट्रेन मैनेजरों ने डीआरएम इज़्ज़तनगर के माध्यम से रेल मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ट्रेन मैनेजरों ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे लंबे समय से इन मुद्दों पर समाधान का इंतजार कर रहे हैं। उनकी मांगों में लाइन बॉक्स संचालन को पुनः शुरू करना शामिल है, जिससे ट्रेन संचालन में जिम्मेदारी और सुचारुता बनी रहे। इसके अतिरिक्त, रनिंग अलाउंस को 25% तक बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि वास्तविक ड्यूटी घंटों के अनुरूप भत्ता न्यायसंगत हो सके। ट्रेन मैनेजरों ने एमएसीपी (MACP) का लाभ तत्काल प्रदान करने की भी मांग की, जो कई वर्षों से लंबित है। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे कार्यभार का संतुलन बहाल हो सके। एक अन्य प्रमुख मांग हैंड ब्रेक कसने की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजरों से हटाने की है, जिसे वे सुरक्षा और सुविधा दोनों दृष्टि से अनुचित मानते हैं। इज़्ज़तनगर रेलवे परिसर में आयोजित यह सभा पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रही। मंच पर मंडल सचिव दीपक कांत, मंडल अध्यक्ष के.के. विश्वकर्मा, कासगंज शाखा अध्यक्ष राकेश कुमार, संगठन सचिव देवेंद्र गंगवार, मंडल कोषाध्यक्ष आशीष सक्सेना और मंडल संरक्षक संजय त्यागी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। इस प्रदर्शन में अन्य शाखाओं से भी बड़ी संख्या में ट्रेन मैनेजरों ने भाग लिया। इनमें मुरादाबाद से जतीन सिंह, डी.एस. राजपूत, शम्सुद्दीन, विकास पचौरी, सुभाष गंगवार, विवेक गुप्ता, एम.ए. अंसारी और सेवानिवृत्त ट्रेन मैनेजर संजय नंदा प्रमुख रूप से शामिल थे।