अयोध्या में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। भरतकुंड क्षेत्र के एक निजी मिशनरी स्कूल पर हिंदू बच्चों से शिखा कटवाने, चंदन और कलावा हटवाने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि स्कूल में बच्चों पर धार्मिक प्रतीक न रखने का दबाव बनाया जा रहा था। हाल ही में एक बच्चे को स्कूल फंक्शन में जबरन पादरी की वेशभूषा पहनाई गई। बाद में बच्चे से वह ड्रेस घर से धुलवाकर लाने को कहा गया। जब बच्चे ने ऐसा नहीं किया तो शिक्षक ने उसे डांटा और प्रताड़ित किया। इससे आहत होकर बच्चे ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। जानकारी मिलने पर परिजन हिंदूवादी संगठनों के साथ स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। मामले में स्कूल प्रशासन ने माफी मांगी और दोबारा गलती न दोहराने का आश्वासन दिया। फिलहाल विवाद शांत हो गया है, लेकिन लोगों में मिशनरी स्कूल की भूमिका को लेकर गुस्सा है। पूरा मामला जनपद अयोध्या के भरत कुंड क्षेत्र का है जहां के मिशनरी द्वारा चलाई जा रहे लिटिल फ्लावर स्कूल प्रशासन पर पढ़ने वाले हिंदू बच्चों पर धर्मान्तरण करने का दबाव डालने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन हिंदू बच्चों से चंदन, कलावा और शिखा हटवाने के लिए दबाव डालता है। आरोप है कि हाल ही में स्कूल के कहने पर एक छात्र ने अपनी शिखा कटवा ली। ताजा मामला स्कूल के एक फंक्शन के दौरान सामने आया। जब एक बच्चे को जबरन पादरी की ड्रेस पहनाई गई। इसके बाद बच्चे से कहा गया कि वह ड्रेस घर से धुलवाकर दोबारा स्कूल लेकर आए। जब बच्चे ने ऐसा नहीं किया तो शिक्षक ने उसे डांटा और प्रताड़ित किया। आहत होकर बच्चे ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन हिंदूवादी संगठनों के साथ स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। गहमा-गहमी के बीच परिजनों और स्कूल प्रशासन के बीच बातचीत हुई। इस दौरान प्रशासन ने परिजनों से माफी मांगी और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया। इसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने इस पूरे विवाद पर मीडिया से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। कथा वाचक पवन देव महाराज, छात्र के पिता आनंद तिवारी, और बजरंग दल के जिला संयोजक सूर्यकांत पांडे ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे हिंदू आस्था से छेड़छाड़ बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।