लखनऊ के पं. गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में चल रहे उत्तराखंड महोत्सव के पांचवें दिन भारी भीड़ उमड़ी। महोत्सव में लगे करीब 150 स्टॉल पूरी तरह भरे रहे, जहां विभिन्न हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और पारंपरिक खाद्य सामग्री की जमकर खरीदारी हुई। इन स्टॉलों पर ज्वेलरी, पिछोड़े, ऊनी वस्त्र और उत्तराखंड की प्रसिद्ध ‘बाल मिठाई’ जैसी वस्तुएं उपलब्ध थीं। मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने बताया कि अल्मोड़ा की बाल मिठाई की बिक्री सबसे अधिक रही। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद और मोटे अनाज को बढ़ावा देने वाले जैविक स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सीसीटीवी निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की गई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर राजेश कुमार सिंह (कमांडर 41 इन्फैंट्री ब्रिगेड) और अतिथि यतेन्द्र कुमार तेवतिया (राज्य विपणन प्रबंधक, इफ्को) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महोत्सव स्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी की पुख्ता व्यवस्था की गई हैं । मंच पर झोड़ा, छोलिया, छपेली और ऊर्जावान ‘डांस उत्तराखंड डांस’ जैसी प्रतियोगी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ₹3.5 लाख की इनामी राशि वाली इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अगले दौर में जगह बनाने के लिए शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं के रैंप वॉक को भी खूब सराहा गया महिला प्रकोष्ठ की देखरेख में आयोजित ‘कॉफव लोक गायन प्रतियोगिता’ में यश बालेचा ने प्रथम, एश्लेशा ने द्वितीय और विवान श्रीवास्तव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उधांचल कला केंद्र, अल्मोड़ा की छोलिया प्रस्तुति, पावनी बजेठा के लोकनृत्य और महिलाओं के रैंप वॉक को भी खूब सराहा गया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक विभागों के सहयोग से आए कलाकारों ने लोकनृत्य, तांदी और परात नृत्य प्रस्तुत कर पर्वतीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश की। महोत्सव का उद्देश्य परंपरा और आधुनिकता के संगम को जीवित रखना है।सोशल मीडिया पर साझा हो रही प्रस्तुतियों की झलकियां इस उत्सव को नई ऊर्जा और लोकप्रियता दे रही हैं। कल महोत्सव में नृत्य, वाद-विवाद, ‘नाचेगा भारत’ का द्वितीय राउंड और उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक नीरज चुफाल की स्टार नाइट का आयोजन होगा।