दिल्ली ब्लास्ट के बाद यूपी में ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। शनिवार को गुजरात ATS की टीम लखीमपुर पहुंची। यहां मोहम्मद सहूल उर्फ सुहैल (23) के घर की तलाशी ली। सुहैल को 9 नवंबर को गुजरात एटीएस ने बनासकांठा से गिरफ्तार किया था। सुहैल के साथ ही यूपी के शामली के रहने वाले सुलेमान शेख (20) को गिरफ्तार किया गया था। सुहैल और सुलेमान पर आरोप था कि उन्होंने हैदराबाद के आतंकी अहमद मोहियुद्दीन सैयद (35) को हथियार और विस्फोटक सप्लाई किए थे। मोहियुद्दीन सैयद पेशे से डॉक्टर है। उसने चीन से एमबीबीएस की डिग्री ली है। वह ISIS के खुरकान आतंकी संगठन से जुड़ा था। सुहैल के भाई वसीम ने बताया कि गुजरात ATS ने मेरे पिता सलीम से भी पूछताछ की। साथ ही घर से मिले एक काले कपड़े को अपने साथ ले गई है, जिस पर कलमा लिखा था। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, सुहैल, सुलेमान और मोहियुद्दीन गुजरात टेरर मॉड्यूल के हिस्से थे। जबकि 10 नवंबर को दिल्ली में हुए ब्लास्ट में हरियाणा के फरीदाबाद के टेरर मॉड्यूल शामिल था। इसमें अब तक 5 डॉक्टरों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गुजरात और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में कोई कनेक्शन है या नहीं, एटीएस अभी इसकी जांच कर रही है। रासायनिक जहर बना रहा था आतंकी
गुजरात एटीएस ने दावा किया था कि गुजरात से पकड़े गए आतंकियों की देश में बड़ी तबाही मचाने की साजिश थी। हैदराबाद के रहने वाले डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद के घर से रासायनिक जहर रिसिन बनाने का सामान बरामद हुआ। वहीं, सुहैल और सुलेमान ने पूछताछ में बताया कि वे हनुमानगढ़ (राजस्थान) से हथियार लाए थे। लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद की कई संवेदनशील जगहों की रेकी की थी। तीनों का संबंध अबू खदीजा से पाया गया, जो आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) से जुड़ा है। अबू खदीजा इन आतंकियों को पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार भेजता था। दिल्ली ब्लास्ट में 5 को यूपी एटीएस ने उठाया, आरिफ ने 85 बार की थी शाहीन- मुजम्मिल से बात
इधर, दिल्ली ब्लास्ट मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि कानपुर का डॉ. आरिफ गिरफ्तारी से पहले शहर से भागने की फिराक में था। उसके फरीदाबाद में पकड़े गए डॉ. मुजम्मिल और लखनऊ में पकड़ी गई डॉ. शाहीन से कनेक्शन के सबूत भी मिले हैं। धमाके की योजना तैयार होने बाद से ही डॉ. आरिफ, डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल के बीच लगातार बात हो रही थी। एक सप्ताह में आरिफ ने डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन को 39 वाइस कॉल और 43 वॉट्सऐप कॉल कीं। इसके साथ ही अलग-अलग नंबरों पर 200 से ज्यादा वॉट्सऐप मैसेज भी मिले हैं। एजेंसियों को 25 डिलीट मैसेज भी मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि डॉ. शाहीन की गिरफ्तारी के बाद आरिफ को शक हो गया था कि जल्द ही पुलिस उसके पास भी पहुंच जाएगी। इसी कारण वह कानपुर से भागने की फिराक में था। शनिवार को यूपी ATS ने डॉ. अदील से कनेक्शन के शक में सहारनपुर, देवबंद और शामली से 5 लोगों को उठाया। इसके अलावा ATS की एक टीम डॉ. शाहीन के करीबियों की तलाश में उत्तराखंड भी पहुंची। डॉ. अदील का भाई दुबई से आतंकी मॉड्यूल चला रहा था
इस बीच जांच में सामने आया है कि सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी डॉ. अदील अहमद राथर का बड़ा भाई डॉ. मुजफ्फर राथर (साइकेट्रिस्ट) दुबई से आतंकी मॉड्यूल चला रहा था। वह मॉड्यूल का विदेशी लिंक था और करीब पांच साल से सक्रिय बताया जा रहा है। उसके निर्देश पर तीन साल से आतंकी डॉक्टरों का नेटवर्क रॉ मैटीरियल इकट्ठा कर रहा था। डॉ. मुजफ्फर अफगानिस्तान में बैठे पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकी मॉड्यूल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। फंडिंग से लेकर विदेशी यात्राओं की योजना, टिकट बुकिंग और पूरा खर्च वही करता था। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. मुजफ्फर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। अब एजेंसियां उसकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही हैं। वहीं, लखनऊ का डॉ. परवेज साजिश को अंजाम देने के लिए इरादे से नाइट शिफ्ट ही करता था। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर हारिस अहमद सिद्दीकी ने बताया कि 16 जुलाई 2021 को डॉ. परवेज ने बतौर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर जॉइन किया था। शुरू के एक साल उसने ज्यादातर नाइट ड्यूटी की। दिल्ली ब्लास्ट का यूपी कनेक्शन से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…