लखनऊ के बद्शाहनगर रेलवे इंस्टीट्यूट ग्राउंड में बॉन्ग फेस्ट सीज़न 3 का दूसरा दिन उत्साह, कला और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। बंगाली वेलफेयर सोसायटी (बंगाली अड्डा) द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने लखनऊ में बंगाली परंपरा और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया। दिन की शुरुआत 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता से हुई। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी ऊर्जा और नृत्य कौशल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद लखनऊ के बंगाली समुदाय के सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें गीत, नृत्य, कविता और अन्य मंचीय प्रदर्शन शामिल थे। इन प्रस्तुतियों ने बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया। महोत्सव का आकर्षण लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड था कार्यक्रम में पार्थो सारथी सेन शर्मा, लीना जौहरी, अमित घोष, अशोक गांगुली, डीजीपी डी.के. ठाकुर और डॉ. एस. मुंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महोत्सव का एक विशेष आकर्षण लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड था, जो नृत्य एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में संजीव रॉय को उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। शाम को बंगाली थीम पर आधारित फैशन शो का आयोजन हुआ। इसमें विजेताओं को ‘रूपोलोखी 2025’ का खिताब, नकद पुरस्कार और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। दिन का मुख्य आकर्षण धुनुची नृत्य (Dhunuchi Naach) रहा। कोलकाता और लखनऊ के प्रसिद्ध ढाकियों के साथ इस पारंपरिक नृत्य को भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे पंडाल को उत्साह से भर दिया।