अयोध्या के मिल्कीपुर ब्लॉक मुख्यालय से मीठे गांव टोल प्लाजा तक 6 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली गई। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और असम राज्य के प्रभारी हरीश द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। टोल प्लाजा के पास पदयात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए हरीश द्विवेदी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों में से 561 रियासतों को एकजुट करने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। उन्होंने बताया कि कश्मीर का जिम्मा तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संभाला था, जो वर्ष 2019 तक देश से अलग रहा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आंदोलन और उनकी रहस्यमई मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के संकल्प को 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया, जब धारा 370 और 35ए हटाई गई। उन्होंने उन लोगों पर भी टिप्पणी की जिन्होंने धारा हटाने पर ‘खून की नदियां बहने’ की बात कही थी, लेकिन बाद में वे घरों में ही रहे। द्विवेदी ने आगे कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता; उनका व्यक्तित्व विराट था। उन्होंने जोर दिया कि उनके संकल्प, संदेश और सपनों को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत दुनिया के सबसे बड़े स्मारक का निर्माण भी किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को सम्मान नहीं दिया। उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। द्विवेदी ने कहा कि पहले किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलने के लिए समय नहीं मिलता था, जबकि आज पूरी दुनिया भारत की प्रतीक्षा करती है। उन्होंने कांग्रेस के दशकों के शासनकाल में भारत की अर्थव्यवस्था के 12वें स्थान पर होने और मोदी सरकार के 11 वर्षों में चौथे स्थान पर पहुंचने का भी जिक्र किया,जिसका लक्ष्य इसे नंबर वन बनाना है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने देश को एकजुट करने का जो काम किया, वह एक अनूठी कहानी है।