रमीज ने लालू परिवार को तोड़ा…वो मेरे भाई का कातिल:बलरामपुर में पूर्व चेयरमैन के भाई बोले- हम रोहिणी आचार्य का दर्द समझते हैं

‘बिहार में लालू यादव की बेटी डॉक्टर रोहिणी आचार्य ने जिस रमीज नेमत का नाम लिया है, वह मेरे ही क्षेत्र का रहने वाला है। वह पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर का दामाद है। रमीज पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह मेरे भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद था। वो अब लालू परिवार में भी मारपीट करा दी। हम रोहिणी के दर्द को समझ सकते हैं।’ ये कहना है कि यूपी के बलरामपुर में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन के भाई अफरोज आलम का। उन्होंने कहा, रमीज नेमत मेरे भाई की हत्या के मुकदमे में वो जमानत पर है। 4 जनवरी, 2022 को मेरे भाई ओर पूर्व चेयरमैन फिरोज़ पप्पू की हत्या हुई थी। 20 नवंबर को अदालत का अहम फैसला आने वाला है। फिरोज पप्पू की पत्नी कहकशां फिरोज वर्तमान में नगर पंचायत तुलसीपुर की चेयरमैन हैं। दरअसल, बिहार विधानसभा में करारी हार के बाद लालू परिवार में घमासान मचा है। परिवार बिखर रहा, इसका आरोप तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज नेमत पर लग रहा है। अब विस्तार से पढ़िए… पहले रोहिणी ने क्या कहा, पढ़िए… आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को कहा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष ख़ुद पर ले रही हूं।” रोहिणी आचार्य ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में नए आरोप लगाए। उन्होंने फेसबुक पर लिखा- कल एक बेटी, ‘एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया, गंदी गालियां दी गईं, मारने के लिए चप्पल उठाई गई। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आई , मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें , किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी – बहन पैदा ना हो।’ पत्रकारों से बोलीं- माता-पिता और बहनें मेरे साथ रोहिणी आचार्य ने रविवार को पत्रकारों से कहा, “पिताजी मेरे साथ हमेशा रहे हैं। कल मेरे माता-पिता भी रो रहे थे। मेरी बहनें रो रही थीं। भगवान ने मुझे यह सौभाग्य दिया कि मुझे ऐसे माता-पिता मिले। जिन्होंने हर समय मेरा साथ दिया।” उन्होंने कहा, “जिस घर में भाई हो तो उस घर में भाइयों का भी योगदान होना चाहिए। क्या सारा बलिदान बेटी दे? और बेटी जब कुछ सवाल पूछे, तो आप बोल दें कि तुम ससुराल जाओ, तुम्हारी शादी हो गई है।” रोहिणी आचार्य ने कहा है कि उन्होंने सिर्फ़ अपने भाई से नाता तोड़ा है। अब अफरोज आलम की बात… तेजस्वी अपराधी को साथ लेकर कैसे मुख्यमंत्री बन पाएंगे अफरोज अहमद ने कहा- तेजस्वी यादव जैसे बड़े राजनीतिक परिवार से आने वाले नेता को ऐसे व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। वो खुद अपने घर को बर्बाद करके वहां बैठा हुआ है। तेजस्वी उसको हेलिकॉप्टर में बिठाकर ले जाते हैं। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं, वो एक अपराधी को लेकर कैसे सीएम बन सकते हैं। मुझे आश्चर्य है कि तेजस्वी एक अपराधी को साथ में लेकर घूम रहे हैं। इसलिए मैं कहूंगा कि वहां जंगलराज है, क्योंकि ऐसे अपराधियों को पालना जंगलराज है। वहां की जनता को धन्यवाद है कि उन्होंने एनडीए की सरकार को चुना। इसका ससुर रिजवान हत्या के आरोप में ललितपुर जेल में बंद है। इसके कई गुर्गे जेल में बंद हैं। रमीज ने अपना घर बर्बाद किया, लालू का परिवार भी तोड़ा अफरोज ने कहा, मैं रोहिणी के दुख को समझ सकता हूं। तेजस्वी जैसे लोग इतने बड़े घराने के होने के बावजूद ऐसे अपराधी को साथ लेकर चल रहे हैं। उसने अपना घर बर्बाद कर दिया, मेरा घर बर्बाद कर दिया। अब उसने लालू यादव का घर भी बर्बाद कर दिया है। राजद सिमट गई। 78 से 35 सीटों पर आ गई। अभी भी समय है कि तेजस्वी उसे बाहर कर दें तो शायद परिवार में कुछ बच जाए। मैं मांग करता हूं कि बिहार की सरकार ऐसे आरोपी व्यक्ति को शरण न दे। रमीज, उसकी पत्नी और उसके ससुर के खिलाफ उनके भाई की हत्या का मामला चल रहा है और यूपी पुलिस उन्हें तलाश रही है। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… रमीज की अखिलेश-तेजस्वी के साथ तस्वीरें अब जानिए रमीज के बारे में… रमीज के पिता और पूर्व सांसद चचेरे भाई, चचेरी बहन से शादी
14 नवंबर 1986 को जन्मे रमीज़ नेमत बलरामपुर जिले के भंगहा कलां गांव के निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल (मथुरा रोड) से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और जामिया मिलिया इस्लामिया से राजनीति विज्ञान में बीए तथा एमबीए की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे चुनाव प्रबंधन और डिजिटल रणनीति के क्षेत्र में सक्रिय हो गए। उनके पिता नियामतुल्ला जामिया मिलिया इस्लामिया में सोशल वर्क के प्रोफेसर रहे हैं, जबकि उनकी मां जामिया स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका परिवार लंबे समय से दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहता है। गांव से उनका संपर्क मुख्य रूप से पारिवारिक आयोजनों तक ही सीमित रहा है। रमीज़ नेमत के पिता नियामतुल्ला और पूर्व सांसद रिज़वान जहीर चचेरे भाई हैं। इस पारिवारिक संबंध के चलते 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद रमीज़ का विवाह रिज़वान जहीर की बेटी जेबा से हुआ। इसके बाद रमीज़ बलरामपुर में पूर्व सांसद के आवास पर रहने लगे, जिससे स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान बनी। 12 साल की उम्र में क्रिकेट खेला, अंडर 22 का कप्तान बने
रमीज़ ने 12 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया और दिल्ली के लिए अंडर–14, अंडर–16 और अंडर–19 तक प्रतिनिधित्व किया। बाद में वह झारखंड चले गए, जहां 2008–09 में उन्हें अंडर–22 टीम का कप्तान बनाया गया और वहीं से उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई। रमीज़ नेमत की राजनीतिक पहचान को मजबूत करने में उनके ससुर, पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर, की भूमिका अहम मानी जाती है। रिज़वान ज़हीर बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं और यूपी के सबसे कम उम्र के विधायकों में गिने जाते हैं। रमीज़ की पत्नी जेबा रिज़वान भी राजनीति में सक्रिय रही हैं और तुलसीपुर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं। एक बार कांग्रेस से और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में। राजनीति विज्ञान और मैनेजमेंट की पढ़ाई के कारण रमीज़ नेमत चुनाव प्रबंधन और डिजिटल रणनीति में सक्रिय हो गए।
माना जाता है कि वह तेजस्वी यादव के बेहद करीबी, उनके युवा टीम का हिस्सा और चुनाव प्रचार व संगठनात्मक गतिविधियों के अहम मैनेजर रहे हैं। अप्रैल से जमानत पर हैं रमीज
2021 में पंचायत चुनाव के दौरान हुए संघर्ष में उन पर मामला दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। 2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू की हत्या प्रकरण में उन्हें नामजद किया गया, जिसके बाद उन पर एनएसए और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। कौशांबी जिले के कोखराज थाने में भी उनके खिलाफ एक हत्या का मुकदमा दर्ज है। कुल मिलाकर रमीज पर 11 आपराधिक केस दर्ज हैं। लंबे समय तक बलरामपुर जेल में रहने के बाद वह अप्रैल 2025 में जमानत पर रिहा हुए। 4.75 करोड़ की जमीन कुर्क
मार्च 2023 में प्रशासन ने रमीज़ के नाम पर दर्ज 0.4326 हेक्टेयर जमीन को कुर्क कर लिया था। यह भूमि कांशीराम कॉलोनी के पीछे स्थित है। जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपए आंकी गई। प्रशासन के अनुसार यह संपत्ति अवैध आय से अर्जित की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि जमीन पूर्व सांसद रिजवान जहीर द्वारा अपने दामाद रमीज़ के नाम खरीदी गई थी। —————— ये खबर भी पढ़ें राबड़ी आवास खाली, रोहिणी के बाद 3 बेटियां दिल्ली रवाना:रोहिणी बोलीं-मुझे गंदा कहा, मारने के लिए चप्पल उठाई; कहते हैं- टिकट-पैसे लेकर गंदी किडनी दी बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार में टकराव बढ़ गया है। राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने के ऐलान के एक दिन बाद रोहिणी आचार्य ने एक के बाद एक 2 सोशल मीडिया पोस्ट कर तेजस्वी यादव और संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए। पूरी खबर पढ़ें