प्रयागराज में बच्चा न होने पर पत्नी का गला रेता:फिर लाश के पास खून से लिखा- मैं पागल थी, मेरा पति निर्दोष

प्रयागराज में पति ने पत्नी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्श पर लिखा- मैं पागल थी, मेरा पति निर्दोष है। वारदात के बाद वह पीछे के गेट से ऑफिस चला गया। वहां से उसने मकान मालिक को फोन किया और कहा- पत्नी से बात करा दीजिए। मकान मालिक ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। यह बात उसने पति को बताई। इसके बाद पति घर पहुंचा और थोड़ी देर बाद धक्का देकर कुंडी तोड़ दी। अंदर उसकी पत्नी का खून से लथपथ शव मिला। उसने फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस वालों को देखकर पति लाश से लिपटकर रोने लगा। यह देखकर पुलिसवालों ने भी पहले उस पर विश्वास कर लिया, लेकिन शव पर गहरे जख्म थे। शक के आधार पर पुलिस ने पति रोहित द्विवेदी की लोकेशन जांची तो कहानी उलट गई। पता चला कि वह घटना के समय घर के आसपास ही था। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया- पत्नी को बच्चा नहीं हो रहा था। फिर मेरा एक महिला से प्रेम संबंध चलने लगा। पत्नी इसका विरोध करती थी, इसलिए हत्या कर दी। हत्या को सुसाइड दिखाने के लिए उसने खून से ही फर्श पर सुसाइड नोट लिखा था। सुषमा द्विवेदी की हत्या शुक्रवार को हुई थी। शनिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए पति को जेल भेज दिया। 2 तस्वीरें देखिए-
जानिए पूरा मामला रोहित द्विवेदी मूलरूप से लालापुर थाना क्षेत्र के कचरा गांव का रहने वाला है। वह अपनी पत्नी सुषमा के साथ लोहगरा बाजार में संतोष गुप्ता के मकान में किराए पर रहता था। रोहित एनटीपीसी बारा पावर प्लांट में सिक्योरिटी में था। सुषमा की शादी 5 साल पहले, यानी 2020 में हुई थी। संतान न होने पर दंपती के बीच तनाव बढ़ता गया। इसी दौरान रोहित का रिश्तेदारी की एक महिला से अफेयर हो गया। पत्नी इसका विरोध करती थी। पति ने पुलिस को बताया- शुक्रवार सुबह फिर से मेरी पत्नी से बहस शुरू हो गई। गुस्से में मैंने उसके बाल पकड़ लिए और चाकू सीधे उसके गले में घोंप दिया। वार इतना तेज था कि चाकू गले में ही फंस गया। मैं डर गया। मुझे लगा कि अगर मैं कुछ लिख दूँ तो लोग समझेंगे कि उसने आत्महत्या की है। इसलिए मैंने फर्श पर उसके ही खून से ‘मैं पागल थी, मेरा पति निर्दोष है’ लिख दिया। इसके बाद मैं पीछे के रास्ते से भाग निकला। मैं तुरंत ड्यूटी पर चला गया, ताकि लगे कि मैं घर पर नहीं था। वहाँ से लगातार फोन करता रहा, ताकि खुद को निर्दोष दिखा सकूँ। कई बार पत्नी को कॉल की, फिर मकान मालिक को भी फोन कर कहा कि मेरी पत्नी से बात करवा दें। धक्का देकर दरवाजा तोड़ा, अंदर खून से लथपथ लाश पड़ी थी
मकान मालिक ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने मुझसे बताया कि आपकी पत्नी दरवाजा नहीं खोल रही है। थोड़ी देर बाद मैं पहुंचा और धक्का देकर कुंडी तोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची तो सुषमा की लाश फर्श पर पड़ी हुई थी। गले में चाकू घुसा था। इसी बीच आरोपी पति भी पहुंच गया। वह लाश देखकर चीख पड़ा और रोने का नाटक करने लगा। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने फर्श पर खून से लिखे सुसाइड नोट की फोटो और वीडियोग्राफी भी की। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। इसके बाद पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर उसकी लिखावट की जांच कराई। गले पर एक ही वार था, जो खुद करना लगभग असंभव था। लोकेशन जांच में भी पता चला कि वह घटना के समय घर के आसपास ही था। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने वारदात स्वीकार कर ली। आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- भाई बोला- बहन को कई सालों से प्रताड़ित किया जा रहा था भाई रवि शुक्ला ने शिकायत देकर सुषमा के पति, सास-ससुर और जेठ-जेठानी पर हत्या और प्रताड़ना का आरोप लगाया। भाई ने कहा, “शादी के बाद से ही बहन को दहेज और अवैध संबंधों को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। विरोध करने पर उसे मायके वालों से मिलने नहीं दिया जाता था। परिवार को हमेशा आशंका रहती थी कि कोई बड़ी वारदात हो सकती है।” पोस्टमॉर्टम के बाद जब ससुराल पक्ष नहीं आया तो मायके वालों ने दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार किया। बारा पुलिस ने पति समेत पांच लोगों ससुर, सास, जेठ और जेठानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव ने बताया कि पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस को गुमराह करने के लिए पति ने खुद ही सुसाइड नोट लिखा था। सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। ————————– ये भी पढ़ें धीरेंद्र शास्त्री बोले- शादी तो जरूर करेंगे:जब मुस्लिम डॉक्टर आतंकी निकल रहे, तो देश खतरे में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा वृंदावन पहुंच चुकी है। 10 दिन में 170 किमी की पदयात्रा में 3 बार धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत बिगड़ी। वो कहते हैं- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम…। मुझ पर 20 घंटे काम करने का साइड इफेक्ट दिखता है। दिल्ली ब्लॉस्ट पर वो कहते हैं- इस्लामिक भाइयों से कहना चाहता हूं कि उन्हें शिक्षा नीति में बदलाव की जरूरत है, ताकि कोई डॉक्टर आतंकवादी न निकले। पूरी खबर पढ़िए