‘लड़की वालों ने पूरी प्लानिंग से मेरे बेटे पर हमला किया। हमलावरों ने बेटे को मारते-मारते नीचे गिरा दिया। उसके सिर पर डंडे मारते रहे। मैं उसको बचाने गया। उसके ऊपर लेट गया। हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा कि मुझे मार दो, बेटे को छोड़ दो। इस पर भी वो नहीं रुके। उनके डंडे टूट गए और मेरे बेटे ने दम तोड़ दिया। हमारे साथ साजिश हुई है। लड़की पक्ष वाले लव मैरिज से खुश नहीं थे।’ ये दर्द आगरा के सती नगर में रहने वाले गिरवर सिंह का है। गिरवर अपने चचेरे भाई के बेटे की शादी में 14 नवंबर को अलीगढ़ गए थे। वहां लड़की वालों के 10-15 लोगों ने बारातियों पर हमला बोल दिया। उन्हें बुरी तरह से पीटा। दूल्हे के चचेरे भाई विनय को पीट-पीट कर मार डाला। उसके पीठ, हाथ-पैर पर पिटाई के जख्म हैं। इसके अलावा 19 लोग घायल हैं। पहले जानिए पूरा मामला… जयमाल के बाद बारातियों पर हमला हुआ
आगरा के सती नगर में रहने वाले ओमवीर के बेटे राहुल की 14 नवंबर को शादी थी। बारात अलीगढ़ में अतरौली के जगतपुरा गांव में रहने वाले रणजीत सिंह के यहां गई थी। लक्ष्मी फॉर्म हाउस में शादी की रस्में चल रही थीं। जयमाला के बाद आधे बाराती वापस आने के लिए बस में बैठ चुके थे। दूल्हे के चचेरे भाई देवेंद्र चौधरी ने बताया कि वो बस में बैठे थे। उन्होंने देखा कि हमारे भाई विनय के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। उन्हें बचाने के लिए मैं बस से भागा। वहां जाकर देखा तो 10-15 लोग लाठी-डंडों से विनय को पीट रहे हैं। फिर हमारे परिवार और अन्य बाराती उसे बचाने आए, तो उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार मच गई। बाराती बचाने की गुहार लगाने लगे। विनय के सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। लाठी-डंडे से पिटाई की तस्वीरें- पिता बोले- मैं बेटे की जान की भीख मांगता रहा
विनय की हत्या के बाद से परिवार में गम का माहौल है। पिता गिरवर सिंह की आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। रोते हुए कहते हैं- हमारे साथ साजिश हुई। लड़की वाले लव मैरिज से खुश नहीं थे। हमें पता होता, तो हम शादी में नहीं जाते। हम अपने बेटे को मरवाने क्यों जाते? मुझे लोगों ने बताया कि बाहर विनय को लड़के मार रहे हैं। यह सुनकर हम बाहर भागे। देखा, कई लोग बडे़ बेटे सोनू को मार रहे थे। मैं उसे बचाने पहुंचा तो मुझे भी पकड़ लिया। ये देखकर छोटा बेटा विनय बचाने आया। हमलावरों ने मुझे छोड़कर विनय को पकड़ लिया। उसको मारते-मारते नीचे गिरा दिया। उसके सिर पर डंडे मारते रहे। मैं विनय को बचाने गया। उसके ऊपर लेट गया। हाथ जोड़कर बोला कि मुझे मार दो, बेटे को छोड़ दो। इस पर भी वो नहीं रुके। मुझे पीटते रहे। मारते-मारते उनके डंडे टूट गए। लेकिन वो तब तक पीटते रहे, जब तक विनय ने दम नहीं तोड़ दिया। भाई बोला- लव मैरिज थी, इसलिए हमला हुआ
मृतक विनय के बडे़ भाई सोनवीर ने बताया- राहुल और निशा की लव मैरिज थी। राहुल सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जबकि लड़की एयरफोर्स स्कूल में टीचर है। दोनों दिल्ली में लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। लड़की वाले इस लिव-इन से नाराज थे। हम तो खाना खाकर वहां से निकल रहे थे। लड़की के रिश्ते के भाई और गांव के लड़के पूरी तैयारी से आए थे। उन्होंने हम लोगों को टारगेट किया। सबके पास लाठी-डंडे थे। उन लोगों ने पहले हमारे साथ लूटपाट की। हमारी चेन तोड़ी। जब विरोध किया तो मारपीट करने लगे। उन लोगों ने हमारे 6 लोगों की चेन तोड़ ली। भाई ने मेरी गोद में दम तोड़ दिया
सोनवीर ने बताया- सबसे पहले मेरे सिर में डंडा मारा। मुझे चक्कर और उल्टी आने लगी। मैं जाकर बैठ गया। इस बीच उन लोगों ने पापा को पकड़ लिया। पापा को बचाने भाई विनय गया, तो उस पर ताबड़तोड़ डंडे बरसाने लगे। मैं भाई को खींचकर उनके पास से ले आया। भाई ने मेरी गोद में दम तोड़ दिया। लड़की वाले बचाने तक नहीं आए
सोनवीर ने कहा- मैरिज होम में मारपीट का हल्ला हो गया। हमारे यहां के लोग बाहर आ गए, लेकिन लड़की वालों का एक भी व्यक्ति बाहर नहीं आया। शादी में एक MLC थे, उनके साथ 3 गनर थे। लेकिन, वो भी अंदर भाग गए। एक हमलावर को हमने पकड़ लिया था। लेकिन, उसे भी लड़की के पिता ने जबरन छुड़वा दिया। भाई मर गया, लेकिन दूल्हा नहीं आया
विनय की मौत के बाद उसके घरवालों में गुस्सा है। उन्होंने दूल्हे राहुल पर सवाल खडे़ किए। उनका आरोप है कि शादी में इतना सब कुछ हो गया, लेकिन दूल्हा राहुल उठकर नहीं आया। भाई की हत्या के बाद उसने किसी से पूछा तक नहीं। ऐसा लगता है कि उसे पहले से सब पता था। जहां उसकी जयमाला हो रही थी, वहां से चंद कदमों पर भाई की लाश पड़ी थी, लेकिन वो नहीं आया। उसे तो शादी की पड़ी थी। उसने तो जल्दी फेरे लिए और फिर दिल्ली भाग गय। अब वो किसी का फोन तक नहीं उठा रहा। विधायक से परिजन बोले- अलीगढ़ पुलिस सहयोग नहीं कर रही
विनय की मौत और घटना की जानकारी पर आगरा एत्मादपुर के विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह उनके घर पहुंचे। विनय के घरवालों ने अलीगढ़ पुलिस पर सहयोग न करने और दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने चारों लोगों को पकड़ा था, लेकिन केवल एक को जेल भेजा। मारपीट में बारात पक्ष के 19 लोग घायल हुए हैं। घायल देवेंद्र के पैर की हड्डी टूट गई है। दूल्हे के बडे़ भाई के सिर में भी गंभीर चोट है। वो भी आगरा के पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जोगेंद्र, ज्ञानप्रकाश, पुष्पेंद्र, जयंत, गुल्लू उर्फ प्रवीन, अतुल, मनोज, नरेश, विवेक और आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया है। घरातियों-बारातियों में हुआ था झगड़ा
सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी ने बताया कि घरातियों और बारातियों में झगड़ा हुआ था। इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वहीं विवाद के बाद दूल्हा-दुल्हन दोनों की शादी पुलिस की मौजूदगी में करा दी गई थी। दुल्हन को रात में ही रस्में पूरी होने के बाद विदा कर दिया गया था। ————————- ये खबर भी पढ़िए- दिल्ली ब्लास्ट में ATS ने लखनऊ से भाई-बहन को उठाया, डॉ. शाहीन कहती थी- कौम का कर्ज उतारना है दिल्ली ब्लास्ट केस में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने रविवार को लखनऊ से 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। आरोपी भाई-बहन हैं, जो पारा इलाके के कुंदन विहार में रहते थे। सूत्रों का कहना है कि दोनों का ब्लास्ट मामले से कनेक्शन मिला है। अभी आरोपियों का नाम नहीं पता चला है। पढ़ें पूरी खबर…