जयंत चौधरी तीसरी बार रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने:3 साल पद पर रहेंगे; बोले- रालोद मेरे परिवार की पार्टी नहीं

जयंत चौधरी को एक बार फिर से राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। वह 3 साल तक इस पद पर रहेंगे। जयंत के पार्टी चीफ बनते ही कार्यकर्ता किसान नेता जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। रविवार को मथुरा में रालोद का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ। यह कोसीकलां की अनाज मंडी में सुबह 11 बजे शुरू हुआ। जयंत चौधरी दोपहर करीब 2.45 बजे अधिवेशन में पहुंचे। इसके बाद पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।अधिवेशन में 14 प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी बुलाए गए थे। रालोद यूपी की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। उसके 2 सांसद लोकसभा में और 1 राज्यसभा हैं। यूपी विधानसभा में 9 विधायक और एक मंत्री है। साथ ही विधान परिषद में 1 एमएलसी औप 2 आयोग के सदस्य हैं। 2 तस्वीरें देखिए… अध्यक्ष चुने जाने के बाद जयंत चौधरी ने कहा- मथुरा के लोगों ने जिस तरह से मेरा साथ दिया, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष बना, इसमें भी मथुरा के लोगों का आशिर्वाद है। आज हम एनडीए के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं।
बिहार के नतीजों ने बताया कि एनडीए सरकार में हर कोई सुरक्षित महसूस कर रहा है। महिला वर्ग को पहचान दी। उनके लिए कानून बना दिया। राजनीति में उनके लिए सीटें आरक्षित कीं। खबर में पोल है, आगे बढ़ने से पहले हिस्सा ले सकते हैं जयंत ने कहा- आप लोग अपने आप को तैयार कर लो। मेरी 2 बेटियां हैं। कोई ये न माने कि रालोद मेरे परिवार के लिए बना है। यह फर्क रालोद और दूसरे दल में होना चाहिए। इसलिए मैं कहता हूं कि 3 साल बाद कोई अच्छा नेता तैयार करो, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बैठे। मैं तैयार हूं। आप लोग जो भी भूमिका दोगे, उसके लिए मैं तैयार हूं। मैं सामाजिक कार्यकर्ता की तरह काम करने के लिए तैयार हूं। मैं सरकार में इसीलिए बैठा हूं, जिससे आप लोगों के काम आ सकूं। मैं एक कार्यकर्ता के रूप में काम करने के लिए तैयार हूं। जयंत ने कहा- आज आप किसानों की सरकार है। आप लोगों के लिए सीएम ने गन्ने का मूल्य बढ़ाया। छाता की चीनी मिल शुरू कराने के लिए मैं समर्पित हूं। मैं इसके लिए सीएम से बात करूंगा। साल- 2027 हम लोगों के लिए खास है। क्योंकि, यह चौधरी चरण सिंह की 125वीं जयंती का साल है। पहली बार 2021 में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे
चौधरी जयंत सिंह पहली बार मई, 2021 में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। उनके पिता चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद जयंत को इस पद के लिए चुना गया था। चौधरी अजित सिंह का कोरोना संक्रमण के चलते 6 मई, 2021 को निधन हो गया था। उस समय चौधरी जयंत पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। यूपी की चौथे नंबर की पार्टी है रालोद रालोद की कमान अगले 3 सालों के लिए फिर से जयंत चौधरी के हाथों में आ गई है। वर्तमान में रालोद के 2 सांसद लोकसभा में हैं। खुद जयंत राज्यसभा में सांसद एवं केंद्र में मंत्री हैं। यूपी विधानसभा में पार्टी के 9 विधायक हैं। पार्टी के एक विधायक को यूपी मंत्रिमंडल में भी जगह मिली है। वहीं, विधान परिषद में भी पार्टी के एक सदस्य हैं। सांसदों-विधायकों की संख्या के लिहाज से रालोद प्रदेश की चौथी बड़ी पार्टी है। जयंत की मुश्किलें- बड़े नेताओं को पार्टी के साथ रखना आसान नहीं
रालोद में पिछले 1 साल से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। भाजपा से गठबंधन और लोकसभा से पास किए गए वक्फ संशोधन बिल को लेकर पार्टी के मुस्लिम नेताओं में नाराजगी दिख रही है। पिछले 1 साल में 7 बड़े चेहरे रालोद को अलविदा कह चुके हैं। जयंत को सबसे तगड़ी चोट शाहजेब रिजवी ने दी
रालोद के प्रदेश महासचिव शाहजेब रिजवी ने करीब 1 साल पहले न सिर्फ पार्टी छोड़ी, बल्कि जयंत पर ‘भटक जाने’ और मुसलमानों से विश्वासघात का सीधा आरोप भी लगाया। मेरठ के रसूलपुर में रहने वाले रिजवी ने कहा था कि जयंत चौधरी ने उस समुदाय को धोखा दिया, जिसने उन्हें आंखों का तारा बना रखा था। शाहजेब वही हैं, जिन्होंने 2020 में एक आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने वाले युवक के सिर पर 51 लाख का इनाम घोषित कर दिया था। रालोद से इस्तीफा देने के बाद वह आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जुड़ गए थे। तब शाहजेब ने कहा था कि उनके सभी विधायक वहां से जीते हैं, जहां मुस्लिमों का अच्छा-खासा वोट बैंक है। 2027 के चुनाव में ही सब कुछ पता चल जाएगा। मुसलमानों को इन्हें एहसास कराना चाहिए कि हमने आप पर भरोसा किया, लेकिन आप हमें छोड़कर चले गए। …………………………… ये खबर भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री वृंदावन में संतों को गले लगाकर रोए, VIDEO:जगद्गुरु बोले- अब ओम क्रांति होगी बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का आज 10वां और आखिरी दिन है। यात्रा ब्रज भूमि में प्रवेश कर चुकी है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने संतों के साथ दंडवत होकर ब्रज की धरा को प्रणाम किया। पढ़ें पूरी खबर