लखनऊ में वक्फ रेजिस्ट्रेशन कैंप लगा:छोटा इमामबाड़ा में लोगों की लगी भीड़, मौलाना सैफ बोले- रेजिस्ट्रेशन में बढ़चढ़कर हिस्सा लें

लखनऊ में रविवार को उम्मीद पोर्टल रेजिस्ट्रेशन कैम्प लगाया गया। शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास के नेतृत्व में छोटे इमाम बाड़ा में कैंप लगा। कैंप में वक्फ संपत्तियों से जुड़े हुए लोग और मुतावल्लियों ने हिस्सा लिया। मौलाना सैफ ने लोगों से इसके प्रति जागरूक होने की बात कही । साथ ही तारीख बढ़ाने की मांग किया। मौलाना ने कहा कि वक्फ रेजिस्ट्रेशन के लिए इस प्रकार के कैम्प बेहद जरूरी है। सबकी जिम्मेदारी है कि अपने वक्फ संपत्तियों का रेजिस्ट्रेशन पोर्टल पर करवाएं। उन्होंने कहा कि तारीख बढ़ाने से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से जुड़ सकें और अपनी वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत करा सकेंगे। वक्फ संपत्तियों का सही और समय पर रजिस्ट्रेशन करवाना सबकी जिम्मेदारी है। इससे धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की संपत्तियां सुरक्षित रहेंगी। मौलाना ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपनी मस्जिदों, इमामबाड़ों, कब्रिस्तानों, दरगाहों और अन्य वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण कराएं। ‘वक्फ वर्कशॉप का आयोजन करे’ मौलाना ने वक्फ बोर्ड के अधिकारियों से भी अपील किया कि वे शहरों, कस्बों और गांवों में वर्कशॉप और जागरूकता शिविर आयोजित करें। ताकि लोगों को उम्मीद पोर्टल की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी मिल सके। मौलाना ने कहा कि ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में कई ऐसी वक्फ संपत्तियां हैं जो अभी तक बोर्ड में दर्ज नहीं हैं और स्थानीय समितियों द्वारा संचालित की जा रही हैं। ऐसे में इन संस्थाओं के जिम्मेदार लोगों को शिया वक्फ बोर्ड से संपर्क कर अपनी संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज कराना चाहिए। विरासत बचाने का अभियान मौलाना सैफ ने कहा कि उम्मीद पोर्टल की पहल वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी तरीके से दर्ज करने और उनके दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस प्रक्रिया में लोगों को पर्याप्त समय दिया जाए तो देशभर की अधिकतर संपत्तियों को सुरक्षित रूप से पंजीकृत किया जा सकता है। मौलाना ने कहा कि यह सिर्फ सरकारी औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी धार्मिक और सामाजिक विरासत की सुरक्षा का अभियान है।